PM Modi Inaugurate Projects: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे, जहां वे 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य परिवहन, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करना है। कार्यक्रम के तहत गुजरात, दमन एवं दीव के साथ-साथ लक्षद्वीप को भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है।
सूरत में विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
दौरे की शुरुआत गुजरात के सूरत जिले से होगी, जहां प्रधानमंत्री विभिन्न औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे बड़ी संख्या में परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें एक्सप्रेसवे से जुड़े कार्य, राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने वाली योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े संस्थानों को भी जनता को समर्पित किया जाएगा। साथ ही बिजली आपूर्ति और ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने वाली परियोजनाओं की शुरुआत होगी। औद्योगिक क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोगिता सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना जताई जा रही है।
दमन में एयरपोर्ट और अस्पताल की सौगा
दमन में प्रधानमंत्री नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। प्रस्तावित योजनाओं में आधुनिक सम्मेलन केंद्र, शैक्षणिक संस्थान और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और सेवा क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लक्षद्वीप में बंदरगाह सुविधाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री लक्षद्वीप के लिए भी महत्वपूर्ण समुद्री अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य द्वीपों में बंदरगाह सुविधाओं को आधुनिक बनाना और यात्री व माल परिवहन को बेहतर करना है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़े जहाजों की आवाजाही, पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन निवेशों से दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।