Bulandshahr News: शनिवार को जीएसटी और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अनुसार रोड स्थित रस्तोगी बुकमार्ट पर छापा मारा। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई यह जांच देर शाम तक जारी रही।
दुकान से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती
अभिभावकों और कुछ स्कूल संचालकों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि कोर्स की किताबें खरीदने के लिए छात्रों पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। उनका दावा था कि इसमें कमीशनखोरी का खेल चलता है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बाजार में सस्ती उपलब्ध किताबें भी इसी दुकान से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती थीं। एक अभिभावक के अनुसार, "हमें स्कूल से साफ कहा जाता था कि किताबें सिर्फ इसी बुकमार्ट से लें, वरना पूरी लिस्ट नहीं मिलेगी।"
लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई
नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व कर्मचारी ने खुलासा किया कि दुकान में कई बार बिलिंग और स्टॉक में अंतर रखा जाता था। कुछ बिक्री दूसरे नामों से दर्ज की जाती थी, जिससे टैक्स चोरी की आशंका बढ़ जाती है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक पंजीकृत फर्म के माध्यम से किताबों की बिक्री के दस्तावेज मिले हैं। इससे टैक्स चोरी और लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है।
रिकॉर्ड में अंतर पाया गया
टीम ने मौके से खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड, स्टॉक विवरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में कुछ संदिग्ध लेन-देन और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया है। सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कोर्स के नाम पर कमीशनखोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। एक अधिकारी ने कहा कि यदि स्कूल और दुकान के बीच किसी अवैध गठजोड़ का सबूत मिलता है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अधिकारियों की टीम सभी जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।