भारतीय अंडर 19 क्रिकेट टीम एशिया कप 2025 जीतने से बस एक कदम दूर रह गई। फाइनल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान आमने सामने थे और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया को पहली बार हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो भारतीय युवाओं के लिए पहाड़ जैसा साबित हुआ। यह न सिर्फ टूर्नामेंट में भारत की पहली हार थी, बल्कि सबसे बड़ी हार भी रही, जिसने पूरे सफर को एक झटके में बदल दिया।
टॉस के बाद पलटा मुकाबला
फाइनल में भारतीय कप्तान आयुष ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। यही फैसला बाद में टीम पर भारी पड़ गया। पाकिस्तान ने पूरे 50 ओवर खेलते हुए 8 विकेट पर 347 रन बना डाले। इस पारी के सबसे बड़े हीरो रहे समीर मिन्हास, जिन्होंने 172 रनों की तूफानी और मैच तय करने वाली पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी के आगे भारतीय गेंदबाज लय में नहीं दिखे और पाकिस्तान लगातार दबाव बनाता चला गया।
लक्ष्य ने बढ़ाया दबाव
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान आयुष सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद एरॉन जॉर्ज भी 14 रन ही जोड़ सके। वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 26 रन बनाकर थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन उनकी पारी भी लंबी नहीं चल सकी। लगातार विकेट गिरने से रन रेट बढ़ता गया और भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई।
फाइनल का प्रेशर पड़ा भारी
भारतीय टीम पूरे मुकाबले में कभी भी लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच पाई और पूरी टीम 156 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत को 191 रनों से बड़ी हार झेलनी पड़ी। फाइनल से पहले टीम इंडिया ने सभी मैचों में दमदार खेल दिखाया था और इसी पाकिस्तान को लीग स्टेज में 90 रनों से हराया था। लेकिन खिताबी मुकाबले का दबाव युवा खिलाड़ियों पर साफ नजर आया। इस हार के साथ भारत का जीत का सिलसिला थम गया और एशिया कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।