Nusrat Parveen News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 15 दिसंबर 2025 को नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के दौरान हुए हिजाब विवाद ने देशभर में सियासी और सामाजिक हलचल मचा दी है। नुसरत ने विवाद के बाद नौकरी नहीं करने का फैसला किया था। लेकिन राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल के अनुसार, नुसरत परवीन कॉलेज अभी आ रही हैं और वह नौकरी ज्वाइन करेंगी।
प्रिंसिपल ने दी जानकारी
राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल महफजुर रहमान ने कहा, "लड़की अभी पटना में है। नौकरी ज्वाइन करेंगी, विवाद खत्म हो गया है। वो सभी लोग खुश हैं। नुसरत कल पटना सदर अस्पताल ज्वाइन करेंगी। जिसके साथ हुआ है वह खुश है लेकिन दुनिया फालतू में पागल हो रही है।" कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस पूरे घटनाक्रम को 'गलत सेंस' में लिए जाने की बात कही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा गलत नहीं थी, बल्कि वह एक अभिभावक के तौर पर प्यार और सम्मान का भाव था।
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क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम में कथित तौर पर एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब खींचते दिख रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद से ही राजनीति गरम है और नीतीश कुमार निशाने पर आ गए। महिला का हिजाब खींचने के आरोप में नीतीश कुमार के खिलाफ रांची में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
ऐपवा ने पटना में धरना प्रदर्शन किया
वहीं, इस मामले को लेकर माले की महिला विंग अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (ऐपवा) ने पटना में धरना प्रदर्शन किया। ऐपवा ने कहा कि अगर सीएम नीतिश कुमार माफी नहीं मांगते हैं, तो उन पर कार्रवाई के लिए हम लोग कोर्ट का रुख करेंगे।
सत्ता पक्ष ने किया बचाव
विपक्षी दलों के नेताओं ने जहां एक तरफ नीतीश कुमार से मांफी मांगने की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने सीएम का बचाव किया। सत्ता पक्ष जेडीयू ने कहा कि एक घटना के आधार पर नीतीश कुमार के चरित्र का मूल्यांकन किया जा रहा है, यह गलत है। मुस्लिम समाज के विकास और मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सीएम नीतीश ने काम किया है।