मुजफ्फरनगर। चरथावल कस्बे में बंदर द्वारा तीन माह की मासूम बच्ची को उसके ही बेड पर बंधक बना लिया गया। बंदर ने बच्ची को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन जिन्होंने भी बंदर को भगाकर बच्ची को उठाने का प्रयास किया, उन पर बंदर आक्रामक हो गया। बंदर के बच्ची के पास बैठे रहने के कारण परिवार के लोगों के साथ ही वहां एकत्रित हो गए, अन्य लोगों की भी सांस अटकी रही। बाद में पशु प्रेमी ने बंदर को मोबाइल थमाकर बच्ची को सकुशल मुक्त कराया। इस घटना का हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि बंदर आज किसी हिंसक जानवर के रूप में नहीं बल्कि बंदर मामा के रूप में बच्ची के पास बैठा था।
जानकारी के अनुसार चरथावल कस्बे में बेड पर सोई एक तीन माह की बच्ची के पास बंदर आकर बैठ गया। इसके बाद बंदर बच्ची को अपने हाथ पैरों के नीचे भी शांति से लेकर बैठा दिखाई देता रहा। बंदर ने बच्ची को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन जब परिवार के लोगों ने बच्ची के पास बंदर देखकर उसे भगाने का प्रयास किया तो वह उन पर आक्रामक हो गया। बंदर की करतूत ने हर किसी को हैरत में डाल दिया। बंदर बैड पर पड़ी छोटे बच्ची को एक तरह से बंधक बना बनाकर बैठा रहा। बंदर के इस कृत्य का परिवार के लोग वीडियो बनाते रहे, आवाज आती रही कि बच्ची भूखी है और रो रही है, लेकिन बंदर ने किसी को भी उसके पास नहीं जाने दिया और थक हार कर बच्ची सो भी गई लेकिन बंदर उसके पास बैठकर ही खेलता रहा, जो भी बच्ची की तरह आता, बंदर दांत निकालकर उसको आक्रामक तरीके से घुड़की देता। बताया जा रहा है।इस दौरान एक दो लोगों के बंदर ने दांत भी लगा दिए। पहले तो परिजनों ने खुद ही बच्चे को छुडाने की कोशिश की, लेकिन बंदर हमलावर रूप देखकर घबरा गए। शोर सुनकर वहां पर भारी भीड़ जुट गई।
बंदर बच्चे को अपने पास बैठाए हुए था और किसी को भी उसके करीब नहीं आने दे रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही कोई बच्चे को छुड़ाने की कोशिश करता तो बंदर दांत दिखाकर आक्रामक हो जाता था। इसी बीच पशुओं के हित में संस्था चलाने वाले पशु प्रेमी सन्नी चोपड़ा अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। बताया जाता है कि सन्नी चोपड़ा और उनके साथियों ने सूझबूझ से बंदर का ध्यान भटकाने के लिए उसे मोबाइल फोन थमा दिया और किसी तरह बच्ची को रेस्क्यू करने में कामयाब हो गए और बच्चे को सुरक्षित मुक्त करा लिया। बच्चे को सकुशल पाकर परिवार की जान में जान आई। इसके बाद बंदर भी वहां से चला गया। यह मामला पूरी तरह चर्चा में बना हुआ है और लोग यह भी कहते सुनाई दिए कि बंदर आज कोई हिंसक जानवर नहीं बल्कि बंदर मामा के रूप में बच्ची के पास बैठा हुआ था।