
आज प्रदेश सरकार के कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री एवं मुजफ्फरनगर के विधायक कपिल देव अग्रवाल ने कम्पनी बाग के सामने टाटा टेक्नोलोजी द्वारा निर्माणाधीन सीआईआईआईटी (सेंट्रल फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन इनोवेशन एंड ट्रेनिंग ) परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। यह संस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और कपिल देव अग्रवाल के प्रयासों से मुजफ्फरनगर को मिला है।
अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा प्रदान करेगा
लगभग 262 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हो रहा यह अत्याधुनिक कॉलेज मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार का नया द्वार खोलेगा। इसका निर्माण कार्य अगले वर्ष फरवरी तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। सीआईआईआईटी के निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान मंत्री कपिल देव ने अधिकारियों को निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में युवाओं को एडवांस ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, असेंबली लाइन टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा प्रदान करेगा।
योगी सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री बांटना नहीं
गौरतलब है कि अब तक पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 5 सीआईआईआईटी कॉलेज स्थापित हुए हैं और उनमें से एक मुजफ्फरनगर की धरती पर बन रहा है। यह संस्थान न केवल युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करने का अवसर भी प्रदान करेगा। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि "प्रदेश की योगी सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री बांटना नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे
सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में जो ऐतिहासिक सुधार किए हैं, उनके परिणाम अब जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। आईटीआई पॉलिटेक्निक और अब सीआईटीआई जैसे संस्थान प्रदेश को तकनीकी दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई हैं। ‘एक जिला – एक उत्पाद’ से लेकर ‘विक्रेता सम्मान योजना’, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाएँ युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी तकनीकी शिक्षा और रोजगार की शक्ति बनकर उभरेगा।