Selling Six Innocent Children: महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गहरी गरीबी से जूझ रही एक आदिवासी महिला पर अपने छह बच्चों को बेचने का आरोप लगा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के दावों के बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति ने जांच तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि 45 वर्षीय महिला के कुल 14 बच्चे हैं, जिनमें से हाल ही में जन्मे 14वें बच्चे का प्रसव सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से अस्पताल में कराया गया था। आरोप है कि दो महीने बाद ही बच्चे को मात्र दस हजार रुपये में किसी और के हवाले कर दिया गया।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
सामाजिक कार्यकर्ता भगवान मधे ने दावा किया कि महिला की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उसे मजबूरी में बच्चों को सौंपना पड़ा। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही ने हालात इस कदर बिगाड़ दिए कि एक मां को बार-बार अपने बच्चे देने पड़े। आशा वर्कर जब जन्म के बाद बच्चे की स्वास्थ्य जांच के लिए घर पहुंची तो बच्चा गायब मिला। महिला ने बताया कि उसने उसे किसी को दे दिया है, जिसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। पहले भी 2–3 बच्चों को सौंपने की जानकारी सामाजिक संस्थाओं को मिल चुकी थी।
पुलिस जांच में खुलासे
सूचना मिलते ही नासिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल और प्रशासनिक अधिकारी महिला के घर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 14 बच्चों में से 12 जीवित हैं, एक की मृत्यु हो चुकी है और तीन बच्चों को अलग-अलग लोगों को सौंपा गया है। पुलिस ने संदिग्ध दंपत्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब सभी बच्चों और उन्हें लेने वाले परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।