
Meerut News: मोदीपुरम के दयावती मोदी अकादमी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित भूकंप आपदा पर जनपद स्तरीय मॉक ड्रिल का नजारा वास्तविक घटना की तरह रोमांचकारी और शिक्षाप्रद रहा। जैसे ही भूकंप आने का सायरन बजा, स्कूल का अस्पताल डगमगाता नजर आया और अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ छात्रों को घायल मानकर उन्हें तुरंत दयावती मोदी जूनियर विंग के मैदान में लगाए गए अस्थायी कैंप अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया।
प्राकृतिक आपदा के दौरान कैसे करें बचाव
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक जानकारी देना और मौके पर त्वरित कार्रवाई का अभ्यास कराना था। ड्रिल में यह दिखाया गया कि अगर किसी कारणवश अस्पताल भी भूकंप की चपेट में आ जाए तो अस्थायी कैंप अस्पताल कैसे तैयार किया जाए, घायलों को किस तरह एंबुलेंस व स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए और मेडिकल स्टाफ व राहतकर्मी किस प्रकार समन्वय बनाकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराएं।
ड्रिल के दौरान बिगड़ी एक छात्र की तबीयत
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह व डिप्टी सीएमओ सुधीर कुमार, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर, सिविल डिफेंस, राजस्व टीम, स्काउट एंड गाइड, मेडिकल टीम, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, आपदा मित्र और स्कूली बच्चे शामिल रहे। ड्रिल के दौरान अचानक एक स्कूली छात्र की तबीयत बिगड़ गई। जिसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने बताया कि गर्मी और घबराहट के कारण बच्चे को चक्कर आ गया था।
समय-समय पर जरूरी है अभ्यास
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सभी टीमों को आपसी समन्वय और सतर्कता से काम करने की हिदायत दी। वहीं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन ने कहा कि ऐसे अभ्यास समय-समय पर जरूरी हैं ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिले का प्रशासनिक व मेडिकल तंत्र पूरी तरह मुस्तैद रह सके।दयावती मोदी अकैडमी की प्रधानाचार्य रितु दीवाने कहा कि भूकम्प जैसी आपदा के लिए समाज में तैयारियों की परख और जनता को जागरूक करने का यह अभ्यास सफल रहा।