
शास्त्री नगर में ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से छात्रा की मौत, पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में लिया, चालक फरार
मेरठ। पिता के सामने दस साल की बेटी की पिकअप के नीचे दबकर मौत हो गई। घटना के समय के पिता बेटी व छोटे बेटे को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहे थे। घटना से आक्रोशित लोगों ने हादसे के बाद वहां से भाग रहे चालक की जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, शास्त्री नगर में ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से साइकिल सवार छात्रा की मौत हो गई।
टीपी नगर थाना अंतर्गत भोला रोड़ निवासी अनुज दस साल की बेटी दिव्यांशी और छोटो बेटे आरव को बागपत रोड स्थित साहरन पब्लिक स्कूल में शुक्रवार सुबह बाइक से छोड़ने जा रहे थे, जब वह मलियाना चौकी के पास पहुंचे तो वहां जाम लगा हुआ था, यह देखकर वह बच्ची व बेटे के साथ बाइक लेकर साइड में खड़े हो गए। तभी उनके बराबर में सामान से भरी महिंद्रा पिकप (छोटा हाथी) आकर रुक गई। पीछे से ट्रक ने पिकअप ने टक्कर मार दी, जिसके चलते पिकअप पलट गई और उसके नीचे दबकर दिव्यांशी की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भागने लगा, जिसकी लोगों ने पकड़ कर जमकर पिटाई की। जानकारी मिलने पर पुलिस आ गई। चालक को पुलिस पकड़ कर ले गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पिकअप के नीचे दबी दिव्यांशी को निकाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, शास्त्री नगर ई ब्लॉक पुल के पास ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से साइकिल सवार छात्रा की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़कर भाग गया।
मेडिकल थाना पुलिस ने बताया, जागृति विहार एक्सटेंशन निवासी प्रेमराम की 18 वर्षीय बेटी बीए प्रथम में पढ़ती थी। शुक्रवार दोपहर बाद वह साइकिल से छोटी बहन को शास्त्री नगर में छोड़ कर लौट रही थी। तभी शास्त्री नगर ई ब्लॉक पुल के पास पीछे से आती ट्रैक्टर-ट्राली ने छात्रा की बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने राहगीरों की मदद से छात्रा को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ट्रैक्टर-ट्राली पुलिस के कब्जे में है। चालक की तलाश की जा रही है।
अनुज पर टूट रहा गमों का पहाड़
अनुज प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है। डेढ़ साल पहले पत्नी की मौत हो गई थी और चार माह पहले मां की मौत हुई है। अब बेटी की मौत के बाद वह टूट गए हैं। अपनी आंखों के सामने बेटी की मौत को देखकर वह घंटों सड़क पर सदमे में बैठे रहे, जब बेटे ने रो-रोकर उठाया तो वह थोड़ा संभले और बेटे को गोद में लेकर काफी देर कर रोते रहे और कह रहे थे कि अब सिर्फ बेटा ही बचा है भगवान ने मेरा सब कुछ छीन लिया। अनुज ने बताया, पत्नी व मां की मौत के बाद वह ही दोनों बच्चों को पाल रहे थे।