महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों और घाटों पर उमड़ पड़ी। पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
हर की पैड़ी पर आस्था का महासंगम
महाशिवरात्रि के दिन सबसे अधिक भीड़ हर की पैड़ी पर देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गंगा में डुबकी लगाकर अपने दिन की शुरुआत की। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और शिव पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना
शहर के प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर और बिल्केश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने बेलपत्र, दूध, गंगाजल और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
प्रशासन की सतर्क व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। ट्रैफिक नियंत्रण से लेकर घाटों और मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए। चिकित्सा शिविर और सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गदर्शन दल भी तैनात रहे।
भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम
महाशिवरात्रि पर हरिद्वार की गलियों में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम दिखाई दिया। साधु-संतों के प्रवचन, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस पावन अवसर पर उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भगवान शिव के प्रति लोगों की आस्था अटूट है। हरिद्वार एक बार फिर भक्ति और विश्वास की मिसाल बनकर सामने आया, जहां श्रद्धालुओं ने पूरे समर्पण के साथ भोलेनाथ की आराधना की।