बुलंदशहर। लखनऊ में पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकवादियों में से एक का संबंध बुलंदशहर जिले से निकलने पर क्षेत्र में हलचल मच गई है। आरोपी की पहचान विकास उर्फ रौनक के रूप में हुई है, जो जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव रजापुर (ग्राम पंचायत चांदौक, तहसील शिकारपुर) का निवासी है।
बताया जा रहा है कि रौनक पुत्र रविंद्र पिछले 10-15 वर्षों से हरियाणा में रह रहा था और करीब दो साल से गाजियाबाद में निवास कर रहा था। गांव में उसकी पहचान विकास नाम से ही थी, जिससे अधिकांश लोग उसे जानते थे।
परिवार करता था रंगाई-पुताई का काम
गांव के राशन डीलर विनोद के अनुसार, रौनक का परिवार लंबे समय से गांव से बाहर रहकर रंगाई-पुताई का कार्य करता रहा है। गांव के लोगों को भी उसके बारे में यही जानकारी थी और किसी को उसके संदिग्ध गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी।
एक साल पहले हुई थी पारिवारिक घटना
करीब एक वर्ष पहले रौनक के पिता रविंद्र के बड़े भाई विजेंद्र की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिवार के सभी सदस्य गांव आए थे। इसी दौरान परिवार में मकान और जमीन का बंटवारा भी किया गया था।
बंटवारे के बाद गांव में पुरानी ईंटों से एक मकान बनाया गया, जो फिलहाल बंद पड़ा हुआ है। परिवार के सदस्य, जिनमें रौनक भी शामिल है, समय-समय पर एक-दो महीने में गांव आते-जाते रहते थे।
कोई आपराधिक इतिहास नहीं
कोतवाली प्रभारी सुदेश कुमार ने बताया कि रौनक उर्फ विकास और उसके पिता रविंद्र के खिलाफ कोतवाली में कोई आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस सतर्क है और अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
गांव में चर्चा और हैरानी का माहौल
घटना की जानकारी मिलते ही गांव रजापुर में चर्चा का माहौल है। ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को वे सामान्य मजदूर के रूप में जानते थे, उसका नाम इस तरह के गंभीर मामले में सामने आया है।