आज के समय में आधार कार्ड आम नागरिक की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, मोबाइल सिम लेने और कई जरूरी सेवाओं में इसकी जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि आधार में दर्ज हर जानकारी सही होना बेहद जरूरी है। अगर नाम, जन्मतिथि, पता या अन्य जानकारी गलत हो, तो समय रहते सुधार कराना जरूरी हो जाता है।
कुछ बदलावों की तय है अधिकतम सीमा
आधार कार्ड में सभी जानकारियां अनलिमिटेड बार नहीं बदली जा सकतीं। कुछ विवरणों के लिए अधिकतम सुधार सीमा तय की गई है। यानी कुछ चीजें केवल सीमित बार ही अपडेट की जा सकती हैं। इसलिए किसी भी बदलाव का अनुरोध करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। गलत या जल्दबाजी में कराया गया अपडेट बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। इसी वजह से दस्तावेज जमा करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।
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जन्मतिथि को लेकर क्या है नियम
यूआईडीएआई के अनुसार आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, जन्मतिथि का अंतिम प्रमाण नहीं। यानी आधार में दर्ज जन्मतिथि हर जगह वैध जन्म प्रमाणपत्र की तरह स्वीकार हो, यह जरूरी नहीं है। कई संस्थान जन्म प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र या अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड भी मांग सकते हैं। इसलिए जन्मतिथि अपडेट कराने से पहले सही दस्तावेज होना जरूरी है।
अपडेट से पहले रखें ये सावधानी
अगर आधार में किसी तरह का सुधार कराना है, तो आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत केंद्र का ही उपयोग करें। नाम, पता, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी अपडेट करते समय वही जानकारी दें जो आपके वैध दस्तावेजों से मेल खाती हो। बार-बार बदलाव की सीमाओं को देखते हुए हर अपडेट सोच-समझकर कराना बेहतर है, ताकि भविष्य में किसी सेवा या सत्यापन के समय दिक्कत न हो।