Aaj Ka Panchang 24 October 2026: हिंदू धर्म में दिन की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। मान्यता है कि तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय की जानकारी होने से पूजा-पाठ से लेकर दूसरे जरूरी कामों की योजना बनाने में मदद मिलती है। पंचांग के जरिए सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और ग्रहों की स्थिति का भी पता चलता है। आइए जानते हैं 24 अक्टूबर 2026 को शनिवार के दिन तिथि से लेकर शुभ मुहूर्त तक की पूरी जानकारी।
आज की तिथि क्या है?
पंचांग के मुताबिक, 24 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। शनिवार को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 50 मिनट पर होगा। चंद्रमा के उदय का समय शाम 4 बजकर 31 मिनट है। वहीं, अगले दिन सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर चंद्रास्त होगा।
आज कौन सा नक्षत्र रहेगा?
इस दिन सूर्य स्वाति नक्षत्र में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं में स्वाति नक्षत्र को स्वतंत्रता, बदलाव और अपनी राह चुनने से जोड़कर देखा जाता है। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता वायु देव हैं, जबकि राहु इसके स्वामी माने जाते हैं। मान्यता है कि स्वाति नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति को पुरानी सीमाओं से बाहर निकलने और अपने फैसले खुद लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।
व्याघात योग के बाद बनेगा हर्षण योग
पंचांग के अनुसार, शनिवार को रात 8 बजे तक व्याघात योग रहेगा। इसके समाप्त होने के बाद हर्षण योग शुरू हो जाएगा। ज्योतिष में व्याघात योग को 27 नित्य योगों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में जरूरी काम करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, हर्षण योग का नाम प्रसन्नता और उत्साह से जुड़ा है।
आज का शुभ मुहूर्त
24 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में इस समय को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, जरूरी काम या किसी नई योजना से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसके अलावा, शनिवार को अमृतकाल दोपहर 3 बजकर 50 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। पंचांग में अमृतकाल को शुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए कार्यों के लिए सकारात्मक परिस्थितियां बन सकती हैं। नए कारोबार की योजना, निवेश, धार्मिक अनुष्ठान या जरूरी कामों के लिए इस समय पर विचार किया जा सकता है।
आज कितने बजे लगेगा राहुकाल?
शनिवार को राहुकाल सुबह 9 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस अवधि को नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो राहुकाल का ध्यान रखना बेहतर होगा। हालांकि, पहले से चल रहे काम इस दौरान जारी रखे जा सकते हैं। ध्यान रखें कि राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग में दिए गए समय की भी जांच कर लें।
यमगंड काल का समय
शनिवार को यमगंड काल दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से 3 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में नए काम की शुरुआत और महत्वपूर्ण फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर किसी नए कारोबार की शुरुआत या जरूरी यात्रा की योजना बनाते समय इस समय को ध्यान में रखा जाता है।
गुलिक काल कब से कब तक रहेगा?
पंचांग के अनुसार, शनिवार को गुलिक काल सुबह 6 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष में इस अवधि को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। सामान्य तौर पर इस दौरान नया काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि पहले से जारी काम किए जा सकते हैं। कुछ परंपराओं में नियमित रूप से किए जाने वाले कार्यों और बार-बार दोहराए जाने वाले कामों के लिए इसे उपयुक्त भी माना जाता है।
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आज कैसी रहेगी ग्रहों की स्थिति?
सूर्य तुला राशि में रहेंगे: 24 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में तुला राशि को सूर्य की नीच राशि माना जाता है। सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मान-सम्मान का प्रतीक माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस स्थिति में व्यक्ति को अपने फैसलों और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। चंद्रमा मीन राशि में रहेंगे: इस दिन चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, मीन राशि को संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता और भावनात्मक गहराई से संबंधित माना जाता है। मान्यता है कि इस स्थिति में व्यक्ति अपने रिश्तों और भावनाओं को लेकर अधिक संवेदनशील हो सकता है।
शनिवार को किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?
शनिवार के दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में माना जाता है। हिंदू पंचांग की मान्यताओं के अनुसार, दिशाशूल वाली दिशा में यात्रा शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर किसी जरूरी काम से पूर्व दिशा की ओर जाना हो, तो यात्रा से पहले अपने पंचांग में दिए गए नियमों और स्थानीय परंपराओं की जानकारी ले सकते हैं।