Aaj Ka Panchang, 30 June 2026: 30 जून 2026, मंगलवार से आषाढ़ मास का शुभारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु, भगवान शिव और बजरंगबली की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। मंगलवार का दिन हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा करने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है तथा साहस, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाने से पहले आज का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और दिशाशूल की जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए।
आज का धार्मिक महत्व
आषाढ़ मास का पहला दिन होने के कारण आज का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस माह में भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल बताया गया है। वहीं मंगलवार का व्रत रखने वाले भक्त हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
शुभ मुहूर्त और चौघड़िया का रखें ध्यान
यदि आज किसी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, खरीदारी या धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त और चौघड़िया का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है। पंचांग के अनुसार शुभ समय में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। वहीं अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को विशेष रूप से शुभ माना जाता है, जबकि रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल और दिशाशूल की जानकारी जरूरी
वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत राहुकाल में करने से बचना चाहिए। इसी प्रकार मंगलवार के दिन दिशाशूल उत्तर दिशा में माना जाता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो परंपरा के अनुसार गुड़ का सेवन करके घर से निकलना शुभ माना जाता है।
हनुमान पूजा से मिलेगा मंगल ग्रह का आशीर्वाद
मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना को अत्यंत फलदायी माना गया है। श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मकता दूर होती है। धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से हनुमान जी की पूजा करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं, भय और संकट धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं। इसलिए आषाढ़ मास के पहले मंगलवार पर पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व माना गया है।