Aaj Ka Panchang 30 October 2026: 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि शाम 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी। दिन की शुरुआत मृगशिरा नक्षत्र के साथ होगी, जो सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। वहीं, रात 8 बजकर 41 मिनट तक शिव योग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग का आरंभ होगा। शुभ काम की शुरुआत करने से पहले आज के मुहूर्त पर नजर डालना जरूरी है। शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। हालांकि, इस दौरान दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक राहुकाल भी रहेगा। ऐसे में अभिजीत मुहूर्त का शुरुआती समय राहुकाल के साथ पड़ रहा है। चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में संचार करेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिन के दूसरे महत्वपूर्ण समय।
आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और योग
दिन: शुक्रवार
मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी शाम 7:24 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
नक्षत्र: मृगशिरा सुबह 9:04 बजे तक, फिर आर्द्रा
योग: शिव रात 8:41 बजे तक, फिर सिद्ध
करण: कौलव सुबह 8:45 बजे तक, इसके बाद तैतिल
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्योदय: सुबह 6:31 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:38 बजे
चंद्रोदय: रात 9:23 बजे
चंद्रास्त: सुबह 10:57 बजे
आज अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय
शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक है। इस वजह से दोनों समय का कुछ हिस्सा एक साथ पड़ रहा है। जो लोग शुभ कार्य करते समय राहुकाल से बचना चाहते हैं, उनके लिए दोपहर 12:05 से 12:27 बजे तक का समय राहुकाल के बाद का है। हालांकि, दोपहर 12:27 बजे से दुर्मुहूर्त शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ काम के लिए समय चुनते समय पंचांग के दूसरे पहलुओं को भी देखा जाता है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए केवल अभिजीत मुहूर्त के आधार पर फैसला करना उचित नहीं माना जाता।
शुक्रवार के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:48 से 5:40 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 1:56 से 2:40 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 5:38 से 6:03 बजे तक
अमृत काल - रात 9:58 से 11:27 बजे तक
निशिता मुहूर्त - रात 11:39 से 31 अक्टूबर की रात 12:31 बजे तक
आज कब रहेगा राहुकाल और दुर्मुहूर्त?
राहुकाल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 2:51 से शाम 4:14 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 7:55 से 9:18 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 8:45 से 9:29 बजे तक
दूसरा दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:27 से 1:11 बजे तक
वर्ज्य काल: शाम 4:49 से 6:17 बजे तक
विडाल योग: सुबह 9:04 बजे से 31 अक्टूबर सुबह 6:32 बजे तक
यह भी पढ़ें: Diwali Vastu Tips: दिवाली से पहले घर से बाहर कर दें ये 7 चीजें, नहीं तो मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज
सुबह बदलेगा नक्षत्र, रात में लगेगा सिद्ध योग
30 अक्टूबर को सुबह 8:45 बजे कौलव करण समाप्त होगा और तैतिल करण शुरू हो जाएगा। इसके बाद सुबह 9:04 बजे मृगशिरा नक्षत्र की जगह आर्द्रा नक्षत्र ले लेगा। इसलिए सुबह के समय पूजा या किसी अनुष्ठान का संकल्प लेने वालों को तिथि और नक्षत्र के समय का ध्यान रखना चाहिए। शाम 7:24 बजे पंचमी तिथि समाप्त होने के बाद षष्ठी शुरू होगी। वहीं, रात 8:41 बजे शिव योग खत्म होकर सिद्ध योग लग जाएगा। यानी दिन के अलग-अलग पहरों में पंचांग की स्थिति बदलती रहेगी। आज चंद्रमा मिथुन राशि में ही रहेगा। नक्षत्र और राशि का परिवर्तन अलग-अलग गणनाओं पर आधारित होता है। इस वजह से नक्षत्र बदलने के साथ चंद्र राशि का बदलना जरूरी नहीं है।
करण और विशेष योग
आज सुबह 8:45 बजे तक कौलव करण रहेगा। इसके बाद तैतिल करण शाम 7:24 बजे तक प्रभावी होगा। फिर गर करण शुरू होगा, जो 31 अक्टूबर की सुबह 6:08 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण लगेगा। पंचांग में आज भद्रा, पंचक और गंडमूल के समय का उल्लेख नहीं है। इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग, द्विपुष्कर योग और त्रिपुष्कर योग भी सूचीबद्ध नहीं हैं। व्रत-पर्व संबंधी विवरण में चातुर्मास के चौथे महीने का नौवां दिन बताया गया है।