Aaj Ka Panchang: आज 4 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। पंचांग के मुताबिक नवमी तिथि रविवार रात 2 बजकर 21 मिनट से शुरू होगी। आज सूर्योदय सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त का समय शाम 7 बजकर 23 मिनट रहेगा। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके जरिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय की जानकारी प्राप्त की जाती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज सूर्य हस्त नक्षत्र में स्थित रहेगा। हस्त नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में 13वां स्थान प्राप्त है। इसका संबंध कन्या राशि से है और इसके अधिपति ग्रह चंद्रमा माने जाते हैं। ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा के संबंध को मित्रवत माना गया है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
4 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 16 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। हिंदू पंचांग में इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है। इसे दिन का आठवां मुहूर्त माना जाता है और इसकी अवधि करीब 48 मिनट होती है। आज सुबह 3 बजकर 21 मिनट तक परिघ योग का प्रभाव रहेगा। पंचांग में इसे 27 नित्य योगों में 19वां योग बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं में परिघ योग को रुकावट और बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अमृतकाल का समय
आज शाम 6 बजकर 27 मिनट से 7 बजकर 58 मिनट तक अमृतकाल रहेगा। ज्योतिष में इस अवधि को शुभ और सकारात्मक माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और अन्य शुभ गतिविधियों का अच्छा फल प्राप्त हो सकता है। महत्वपूर्ण काम, निवेश या यात्रा के लिए भी इस समय को अनुकूल माना जाता है।
आज का राहुकाल
रविवार को राहुकाल शाम 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ कार्य शुरू करने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान किसी नए काम की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, पहले से चल रहे कार्यों को पूरा किया जा सकता है। राहुकाल की अवधि स्थान के अनुसार बदल सकती है, क्योंकि इसकी गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर की जाती है।
गुलिक काल कब रहेगा?
आज गुलिक काल शाम 4 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुलिक काल में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। हालांकि, जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें इस दौरान जारी रखा जा सकता है।
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यमगंड काल का समय
आज यमगंड दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। पंचांग में इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। विशेष रूप से किसी नए काम की शुरुआत या महत्वपूर्ण यात्रा के लिए इस समय से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यमगंड का संबंध यमराज से माना जाता है। इसलिए इस अवधि में शुभ कार्य, नए कारोबार की शुरुआत और बड़े आर्थिक फैसले करने से बचने की परंपरा है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।