Aam Admir PArty INDIA:आम आदमी पार्टी (AAP) ने INDIA गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है, जिससे विपक्ष को एक बड़ा सियासी झटका लगा है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब संसद के मॉनसून सत्र से पहले गठबंधन की वर्चुअल बैठक तय की गई थी। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में AAP को छोड़ सभी दल हिस्सा लेंगे। हालांकि उन्होंने दावा किया कि गठबंधन अभी भी एकजुट है, लेकिन AAP के फैसले ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ेगा
AAP के गठबंधन छोड़ने से दो स्तर पर नुकसान संभव है—पहला, संसद विशेषकर राज्यसभा में विपक्ष की ताकत कमजोर होगी और दूसरा, आगामी चुनावों में AAP अन्य गैर-बीजेपी दलों की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। AAP पहले ही ऐलान कर चुकी है कि वह बिहार चुनाव अकेले लड़ेगी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि AAP असम, तमिलनाडु, केरल जैसे राज्यों में उम्मीदवार उतार सकती है, जिससे वहां कांग्रेस और अन्य दलों को नुकसान हो सकता है। सीपीआई(M) ने उम्मीद जताई है कि मतभेद सुलझ सकते हैं, लेकिन फिलहाल यह फैसला INDIA गठबंधन के लिए चुनौती है।
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स्पष्टता या बिखराव: क्या होगा असर?
पंजाब से विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस घटनाक्रम को सकारात्मक बताया। उनके मुताबिक AAP के बाहर जाने से गठबंधन में स्पष्टता आएगी और अब रणनीति तय करना आसान होगा। वहीं टीएमसी जैसे दल बैठक में पूरी भागीदारी निभा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह घटनाक्रम विपक्षी एकता को और कमजोर करेगा या यह नई रणनीति के लिए अवसर साबित होगा। फिलहाल, AAP का यह 'बाय-बाय' विपक्ष के लिए सियासी गणित को और उलझा सकता है।