
Entertainmet News : बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को "मिस्टर परफेक्शनिस्ट" यूं ही नहीं कहा जाता. वे हर किरदार को निभाने के लिए अपनी सीमाओं से आगे बढ़ जाते हैं और पूरी तरह उसमें ढल जाते हैं. 2014 में रिलीज़ हुई फिल्म 'पीके' में भी उन्होंने कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया। इस फिल्म में उन्होंने एक एलियन का किरदार निभाया था, जो पहली बार धरती पर आया है. इस किरदार को असल और विश्वसनीय बनाने के लिए आमिर खान ने एक अनोखा और मुश्किल प्रयोग किया — उन्होंने पूरी फिल्म में एक बार भी अपनी पलकें नहीं झपकाईं.
असल में, आमिर खान का मानना था कि धरती पर नया आया कोई एलियन इंसान की तरह नेचुरल हाव-भाव नहीं रखेगा. इंसान हर कुछ सेकंड में पलकें झपकाता है, लेकिन एलियन के लिए यह स्वाभाविक नहीं होता. इसी विचार को ध्यान में रखते हुए आमिर ने यह फैसला किया कि उनका किरदार पीके, जो कि एक ग्रह से आया एलियन है, एक भी बार पलक नहीं झपकाएगा. यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन जब कैमरा क्लोज़-अप में हो और सीन लम्बा हो, तब बिना पलक झपकाए एक्टिंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.
आमिर खान ने इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग ली और घंटों अभ्यास किया. डायरेक्टर राजकुमार हिरानी भी इस प्रयास से हैरान रह गए थे. फिल्म के कई क्रू मेंबर्स ने यह बात बाद में शेयर की कि आमिर अपने किरदार में इतनी शिद्दत से घुसे थे कि शूटिंग के दौरान भी वे अपने हाव-भाव पर पूरा नियंत्रण रखते थे. इस बात का असर फिल्म पर साफ़ दिखाई दिया — पीके का किरदार एकदम अलग और अनोखा लगा, और दर्शकों को महसूस ही नहीं हुआ कि वे एक इंसान को देख रहे हैं. शायद यही वजह है कि 'पीके' को दर्शकों ने इतना पसंद किया और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही. आमिर खान की यह डेडिकेशन एक प्रेरणा है, जो बताती है कि सिनेमा सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि समर्पण और परफेक्शन की भी मांग करता है.