AAP Takes A Big Step: आम आदमी पार्टी ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए अपने सात राज्यसभा सांसदों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने साफ किया है कि वह इन नेताओं की सदस्यता रद्द कराने के लिए कदम उठाएगी। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली AAP आज राज्यसभा सचिवालय में याचिका दायर करने की तैयारी में है और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का रुख भी कर सकती है।
राज्यसभा सचिवालय में याचिका की तैयारी
AAP का कहना है कि राघव चड्ढा समेत अन्य सांसद पार्टी का विलय नहीं कर सकते, इसलिए उनकी सदस्यता खत्म की जानी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले रही है और शाम तक औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है।
इन सांसदों पर कार्रवाई की मांग
पार्टी जिन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई चाहती है, उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं। इन सभी ने हाल ही में BJP में शामिल होने का ऐलान किया है।
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राज्यसभा में AAP की स्थिति कमजोर
इन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में AAP की ताकत काफी घट गई है। पहले पार्टी के 10 सदस्य थे, लेकिन अब सिर्फ तीन सांसद ही बचे हैं। इससे संसद में पार्टी की भूमिका और प्रभाव पर असर पड़ सकता है।
कानूनी और राजनीतिक पेच
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मामले में फैसला आसान नहीं होगा, क्योंकि पहले भी ऐसे मामलों में अलग-अलग निर्णय सामने आ चुके हैं। AAP का तर्क है कि यह दल-बदल कानून का उल्लंघन है, जबकि दूसरी तरफ बागी सांसद इसे वैध विलय बता रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि राज्यसभा सचिवालय और अदालत इस मामले में क्या फैसला लेते हैं।