Abbas Ansari Akhilesh Yadav Meeting : राज्यसभा चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद सुभासपा के भीतर संभावित असंतोष को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अभी तक किसी विधायक ने पार्टी छोड़ने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें चल रही हैं।
अब्बास-अखिलेश मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र
सुभासपा विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक से डेढ़ घंटे तक चली। दोनों नेताओं की बातचीत का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन इसके बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश में है और इसी वजह से सहयोगी दलों के विधायकों पर भी नजर बनी हुई है।
सुभासपा के चार विधायकों को लेकर दावे
सुभासपा के विधानसभा में कुल छह विधायक हैं। इनमें ओम प्रकाश राजभर, अब्बास अंसारी, हंसु राम, दूधराम, बेदीराम और जगदीश नारायण शामिल हैं। राजनीतिक चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि ओम प्रकाश राजभर और बेदीराम को छोड़कर बाकी चार विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं।
हालांकि इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न तो संबंधित विधायकों ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने आया है। ऐसे में फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
RLD के दो विधायकों पर भी नजर
सिर्फ सुभासपा ही नहीं, राष्ट्रीय लोक दल के दो मुस्लिम विधायक भी चर्चा में हैं। सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद और थानाभवन के विधायक अशरफ अली खान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग या राजनीतिक बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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अखिलेश के बयान से बढ़ी चर्चा
अब्बास अंसारी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग वापस आना चाहते हैं और कई जगहों पर असंतोष भी है। हालांकि उन्होंने किसी नेता या विधायक का नाम नहीं लिया। इसके बावजूद उनके बयान को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा तथ्य यही है कि सुभासपा में किसी तरह की टूट या विधायकों के दल बदलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव की मुलाकात ने राज्यसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में इन चर्चाओं का वास्तविक असर कितना दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।