अंडर 19 एशिया कप में मलेशिया के खिलाफ भारत को जब एक बड़ी पारी की जरूरत थी, तब 17 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कुंडू ने आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया और देखते ही देखते मैच का पूरा रुख बदल दिया। यह टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह कुंडू के करियर का पहला दोहरा शतक था, जो उन्होंने बेहद कम गेंदों में पूरा कर दिखाया।
पांचवें नंबर से आया ऐतिहासिक शतक
वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद क्रीज पर आए अभिज्ञान कुंडू ने बिल्कुल समय बर्बाद नहीं किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 44 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर अगली 36 गेंदों में शतक तक पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने गियर बदलते हुए छक्के और चौकों की बारिश कर दी। महज 121 गेंदों में उन्होंने दोहरा शतक पूरा किया, जो छक्के के साथ आया। इस ऐतिहासिक पारी में कुंडू ने 9 छक्के और 16 चौके लगाए और मलेशियाई गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।
ये भी पढ़ें : कोर्ट पर नहीं, फैसलों पर मचा शोर, Oceane Dodin ने क्यों बदली Tennis की परिभाषा, पढ़ें एक क्लिक में
बांग्लादेश के खिलाड़ी का रिकॉर्ड टूटा
अभिज्ञान कुंडू की इस पारी ने इतिहास के पन्नों में खास जगह बना ली। वह अंडर 19 वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ बांग्लादेश के सौम्य सरकार के नाम थी, जिन्होंने साल 2012 में 209 रन बनाए थे। कुंडू ने भी 209 रन बनाए, लेकिन खास बात यह रही कि वह नाबाद लौटे। इस पारी के दम पर भारत ने 50 ओवर में 408 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्कोर में शामिल हो गया।
बचपन से मेहनत, अब दिखा बड़ा नतीजा
अभिज्ञान कुंडू का जन्म 2008 में हुआ और उन्होंने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की शुरुआत कर दी थी। महज 8 साल की उम्र से मैदान में उतरने वाले कुंडू जल्द ही मुंबई की अंडर 14 टीम तक पहुंच गए। उनके बचपन के कोच के अनुसार, वह अब तक 50 लाख से ज्यादा गेंदें खेल चुके हैं। दावा है कि उनके नाम 122 शतक और करीब 25 हजार रन दर्ज हैं। एशिया कप में लगाया गया यह दोहरा शतक साफ दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है, जिसका भविष्य बेहद उज्ज्वल नजर आ रहा है।