भोपाल। अभिनेता अभिषेक बच्चन अपनी आगामी फिल्म ‘कालीधर लापता’ के प्रमोशन के सिलसिले में बुधवार को राजधानी भोपाल पहुंचे। उनके साथ फिल्म की निर्देशक मधुमिता और बाल कलाकार डेविक भी मौजूद रहे। इस मौके पर बड़े तालाब (अपर लेक) के किनारे एक अनोखा और भावनात्मक आयोजन किया गया, जिसमें दीपों से फिल्म का नाम ‘कालीधर लापता’ झील की सतह पर उभारा गया। अभिषेक बच्चन ने स्कूली बच्चों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तालाब में दीप प्रवाहित किए। यह दृश्य न केवल आकर्षक था, बल्कि शहरवासियों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता भी बढ़ा गया।
“भोपाल के पास की शूटिंग आत्मिक अनुभव रही”
शूटिंग के अनुभव साझा करते हुए अभिषेक बच्चन ने कहा “फिल्म की शूटिंग हमने भोजपुर मंदिर, सलामनपुर और ओरछा जैसी ऐतिहासिक जगहों पर की। भोजपुर मंदिर में शूटिंग के पहले दिन जब मैं वहां पहुंचा, तो मां का फोन आया और उन्होंने बताया कि बचपन में वह भी मुझे वहां दर्शन के लिए ले जाती थीं। वह पल बहुत भावुक कर देने वाला था। शूटिंग के साथ-साथ वहां की पवित्रता ने मन को शांति दी।”
“डेविक
को चाइल्ड आर्टिस्ट कहना ठीक नहीं”
भोपाल के उभरते कलाकार डेविक की तारीफ करते हुए अभिषेक बच्चन ने गर्व से कहा “डेविक को ‘चाइल्ड आर्टिस्ट’ कहना उसके टैलेंट का अपमान है। वह कैमरे के सामने इतना सहज और आत्मविश्वासी है कि कई बार सेट पर मुझे खुद को बेहतर करने की प्रेरणा उससे मिली।
“भोपाल की लोकेशंस ने फिल्म को गहराई दी”
निर्देशक मधुमिता ने भी भोपाल में शूटिंग को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा “मैंने भोपाल के कई हिस्सों में शूटिंग की है, लेकिन भोपाल और इसके आसपास की लोकेशनों में जो रंगत है, वह कहीं और नहीं मिली। भोजपुर मंदिर हो या ओरछा के किले, यहां का हर दृश्य अपने आप में एक कहानी कहता है। यहां की आबोहवा, रोशनी और लोगों का व्यवहार – सबने हमें बेहद सहयोग दिया। यहां की संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता ने फिल्म के भाव को गहराई दी।”
फिल्म ‘कालीधर लापता’ जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर रिलीज़ होने जा रही है। यह एक इमोशनल और थ्रिलिंग कहानी है, जिसमें मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलक भी दर्शकों को देखने को मिलेगी।