Abhishek Banerjee Appears Before: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी रविवार को विधानसभा से जुड़े कथित सिग्नेचर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे। उन्हें दोपहर 12 बजे तक पेश होने का निर्देश दिया गया था और वह निर्धारित समय से पहले ही कार्यालय पहुंच गए। कुछ देर बाद तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता एवं विधायक कुणाल घोष भी वहां पहुंचे। जांच एजेंसी दोनों से मामले को लेकर सवाल-जवाब कर रही है।
आमने-सामने बैठाकर हो सकती है पूछताछ
सूत्रों के अनुसार सीआईडी अधिकारी दोनों नेताओं से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ कर सकते हैं। यह मामला विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए एक पत्र में कथित तौर पर हस्ताक्षरों में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि पत्र में दर्ज हस्ताक्षरों और नामों को लेकर उठे विवाद के पीछे वास्तविक स्थिति क्या है।
हाई कोर्ट ने जांच में सहयोग का दिया निर्देश
इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा है कि अगले दो सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट के आदेश के बाद अभिषेक दूसरी बार इस मामले में सीआईडी के सामने पेश हुए हैं। उनकी मौजूदगी को देखते हुए भवानी भवन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
पत्र में हस्ताक्षरों को लेकर उठा विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से संबंधित एक पत्र स्पीकर को भेजा गया। आरोप है कि उस पत्र में कुछ हस्ताक्षरों और नामों को लेकर अनियमितताएं थीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके हस्ताक्षर पत्र में दर्शाए गए हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। इसी पत्र पर पार्टी महासचिव के रूप में अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर भी मौजूद बताए गए हैं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
ED और CID दोनों मामलों में बढ़ी मुश्किलें
सिग्नेचर जालसाजी मामले के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी एक अन्य मामले में अभिषेक बनर्जी को तलब किया है। वहीं सीआईडी ने उन्हें एक अलग शिकायत से जुड़े मामले में भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अभिषेक बनर्जी को विभिन्न जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होना पड़ सकता है। फिलहाल राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर इस मामले पर नजर बनी हुई है।