अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर सोमवार को अचानक पुलिस पहुंचने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। भारी संख्या में पुलिस बल उनके 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास के बाहर तैनात दिखाई दिया। इस घटनाक्रम के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
नोटिस के बाद कार्रवाई की चर्चा
जानकारी के मुताबिक यह मामला कथित अवैध निर्माण से जुड़ा बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि कोलकाता नगर निगम की ओर से आवास के कुछ हिस्सों को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में सात दिनों की समयसीमा दी गई थी, जिसकी अवधि अब पूरी हो चुकी है।
समय पर जवाब नहीं देने का दावा
सूत्रों के अनुसार नोटिस पर समय रहते जवाब नहीं मिलने के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। हालांकि पुलिस के वहां पहुंचने की आधिकारिक वजह को लेकर अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इसी कारण पूरे मामले को लेकर अटकलों का दौर भी जारी है।
अन्य संपत्तियों पर भी नोटिस
बताया जा रहा है कि शांतिनिकेतन से जुड़ी संपत्तियों के अलावा अभिषेक बनर्जी के माता-पिता और उनकी कंपनी से जुड़े परिसरों को भी नोटिस भेजे गए हैं। इस घटनाक्रम ने मामले को और राजनीतिक बना दिया है।
पहले भी दर्ज हो चुकी है शिकायत
इससे पहले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ भाषण मामले में भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चुनावी सभाओं के दौरान दिए गए कुछ बयानों से सामाजिक तनाव और विवाद की स्थिति बनी।
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सियासत फिर हुई गरम
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विपक्ष जहां सवाल उठा रहा है, वहीं समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मामले में अगला कदम क्या होगा।