टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार खिताब जीता। लेकिन इस जीत के पीछे कई खिलाड़ियों की अलग-अलग कहानियां छिपी हैं। उन्हीं में से एक कहानी सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की भी है। टूर्नामेंट की शुरुआत उनके लिए बेहद खराब रही। शुरुआती तीन मैचों में वह लगातार तीन बार शून्य पर आउट हो गए। इस वजह से युवा खिलाड़ी पर दबाव बढ़ गया और टीम में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे।
दबाव के बीच मिला मेंटर का सहारा
इस मुश्किल दौर में अभिषेक शर्मा को अपने मेंटर से लगातार मदद मिलती रही। वह नियमित रूप से उनसे बातचीत करते थे और बल्लेबाजी से जुड़ी कई बातों पर चर्चा करते थे। उन्हें बताया गया कि स्पिन गेंदबाजों को कैसे समझना है, तेज गेंदबाजों के खिलाफ किस तरह खेलना है और ओपनिंग करते समय किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। इन बातचीतों ने धीरे-धीरे उनके आत्मविश्वास को फिर से मजबूत किया।
कोच का भी मिला अनुभव भरा साथ
टीम के मुख्य कोच ने भी अभिषेक का हौसला बढ़ाया। खुद एक समय सलामी बल्लेबाज रह चुके कोच ने अपने अनुभव के आधार पर उन्हें समझाया कि बड़े स्तर पर ओपनिंग करना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और ऐसे समय में धैर्य रखना जरूरी होता है। इस सलाह से अभिषेक को मानसिक रूप से मजबूत होने में मदद मिली।
पिता की एक बात ने बदल दी सोच
इसी दौरान अभिषेक के पिता ने उनसे फोन पर बात की। उन्होंने कोई तकनीकी सलाह नहीं दी, बल्कि सिर्फ एक साधारण सी बात कही। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के करियर में कठिन समय आता है और यह दौर भी जल्दी गुजर जाएगा। यह भरोसा और समर्थन अभिषेक के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस एक बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से काफी मजबूत बना दिया।
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धीरे-धीरे लौटने लगा आत्मविश्वास
इसके बाद अभिषेक शर्मा ने अपना खेल बेहतर करना शुरू किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच में उन्होंने अर्धशतक लगाया, जिससे उनका आत्मविश्वास वापस लौटने लगा। हालांकि असली परीक्षा अभी बाकी थी, क्योंकि फाइनल मुकाबला सबसे बड़ा मंच था और पूरी दुनिया की नजर उसी पर थी।
फाइनल में खेली करियर की सबसे अहम पारी
फाइनल मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और टीम इंडिया को तेज शुरुआत दिलाई। उनके दमदार खेल की बदौलत भारत ने शुरुआती 6 ओवर में ही 92 रन बना लिए। यही वह पल था जब मैच पूरी तरह भारत की पकड़ में आ गया। अंत में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया।