बुलंदशहर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शहर के होटल कलश में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और सांसद पप्पू यादव के हालिया बयानों और गतिविधियों को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि संसद में सनातन पर जिस प्रकार की बातें की गईं, उससे संत समाज और करोड़ों सनातन अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में जो विपक्ष है, वह "रावण का कुनबा" बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में कोई खर-दूषण की भूमिका में है तो कोई कुंभकरण की भूमिका निभा रहा है। उनका कहना था कि संसद में पप्पू यादव ने सनातन को बदनाम करने के लिए "नौटंकी" का सहारा लिया, जो एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को इसका विरोध करना चाहिए क्योंकि यह केवल सनातन ही नहीं, बल्कि संसद और संत समाज का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सनातन का सम्मान नहीं करता, वह भारत का भी नहीं हो सकता। आचार्य ने राहुल गांधी और पप्पू यादव से सनातन धर्म और संत समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने "कॉकरोच पार्टी" और "कॉकरोच मूवमेंट" का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए विदेशी ताकतें भारत को तोड़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित विदेशी षड्यंत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हाल में युवाओं को भड़काकर उपद्रव कराने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माफ कर दिया। आचार्य ने कहा कि इस निर्णय में उन्हें भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और महात्मा गांधी की क्षमा एवं करुणा की झलक दिखाई देती है।