
AGTF की सूचना पर सीबीआई इंटरपोल ब्रांच के माध्यम से अमेरिकी एजेंसियों को सूचित कर लॉरेंस बिश्नोई–रोहित गोदारा गिरोह के सक्रिय सदस्य को अमेरिका में दबोचा गया है। अमित शर्मा उर्फ जैक पंडित को अमेरिका में पकड़वाने के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने का काम
ADG क्राइम/AGTF दिनेश एमएन ने बताया की कुख्यात अपराधी अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित रोहित गोदारा गैंग के लिए विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियां कर रहा था। यह गैंग के लिए फाइनेंस का काम संभालता था, जिसके लिए वह एक्सटॉर्शन मनी को विदेश में रिसीव करने और विभिन्न माध्यमों से गैंग के सदस्यों तक पहुंचाने का काम कर रहा था। इसके अलावा गैंग के जो सदस्य भारत से विदेश में छुपने के लिए भाग जाते थे उनको विदेश में शरण दिलाने और उनको पैसा उपलब्ध करवा उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने का काम भी आरोपी कर रहा था। रोहित गोदारा जब भारत से भागकर विदेश गया था तब अमित पण्डित ने ही उसे रूकवाने की व्यवस्था की थी।
दस्तावेज भेजकर सूचित किया गया
अपराधी अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित श्रीगंगानगर के कई प्रकरणों में वांछित चल रहा था। इसी दौरान मौका पाकर वह विदेश भाग गया और गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम करने लग गया। AGTF की टीम को इसके विदेश में होने की सूचनाएं प्राप्त हुई। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार यह अपराधी भारत से दुबई, दुबई से स्पेन और स्पेन से कुछ अन्य देशों से होते हुए अमेरिका पहुंचा। इसके अमेरिका और स्पेन में होने की सूचना मिलने पर CBI इन्टरपोल ब्रान्च के माध्यम से अमेरिकन एजेन्सियों को इसके रेड कार्नर नोटिस और अन्य दस्तावेज भेजकर सूचित किया गया। जिस पर अमेरिकन एजेन्सियों ने आरोपी को डिटेन कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।