भोपाल. शादी के बाद परिवारों में बढ़ते विवाद, तनाव और घरेलू कलह को देखते हुए राजधानी भोपाल में एक अनोखी पहल की गई है। यहां एक कॉलेज में छात्राओं को ‘आदर्श बहू’ बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए विवाह एवं परिवार परामर्श केंद्र शुरू किया गया है, जहां छात्राओं को परिवार का महत्व समझाने, पारिवारिक मूल्यों को सहेजने और रिश्तों में सामंजस्य बैठाने की कला सिखाई जा रही है। यह पहल युवा पीढ़ी को सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्यों शुरू हुई यह पहल?
बीते वर्षों में शादी के बाद घरेलू विवाद, हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में इजाफा हुआ है। कई बार नई बहू का परिवार में सही से एडजस्ट न कर पाना भी बड़ी समस्या बन जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज ने परामर्श केंद्र की शुरुआत की है, ताकि युवतियां वैवाहिक जीवन की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
परिवार परामर्श केंद्र की भूमिका
केंद्र में छात्राओं को न सिर्फ पारिवारिक मूल्य सिखाए जा रहे हैं, बल्कि कानूनी अधिकारों और सामाजिक कर्तव्यों की भी जानकारी दी जा रही है। यहां परामर्शदाताओं की टीम निजी और पारिवारिक समस्याओं का समाधान भी करती है। कई मामलों में परिवार को बुलाकर सामूहिक काउंसलिंग की जाती है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही मदद
इस केंद्र में 5 सदस्यीय टीम है, जिसमें काउंसलर, मनोवैज्ञानिक, समाजशास्त्री और महिला आयोग की पूर्व सदस्य शामिल हैं। हर महीने के दूसरे और तीसरे शनिवार को काउंसलिंग आयोजित होती है। केंद्र प्रभारी के अनुसार, कई छात्राओं के मन में शादी को लेकर नकारात्मक सोच होती है। इसलिए उन्हें संयुक्त परिवार की अहमियत और रिश्तों को निभाने के तौर-तरीके सिखाए जा रहे हैं।
मानसिक और सामाजिक सशक्तिकरण
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से युवतियां न केवल बेहतर बहू बनेंगी बल्कि आत्मविश्वास और समझदारी से जीवन के हर क्षेत्र में सफल होंगी। परिवार और समाज को मजबूत बनाने में यह कदम एक नई मिसाल बन सकता है।