
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति से संबंधित शासन के आदेश निरस्तीकरण को लागू करने के लिए सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) को पत्र जारी किया है। इस पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि अब ऐसी सभी नियुक्तियां शासन स्तर से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही की जा सकेंगी।
यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और युवा भर्ती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाया गया है। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के पत्र में निर्देश दिया गया है कि पूर्व में सीईओ को प्रदान किया गया रिटायर्ड कर्मचारियों की संविदा या विशेष पुनर्नियुक्ति का अधिकार अब निरस्त कर दिया गया है। सभी प्राधिकरणों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण और यूपीसीडा, गीडा, कीड़ा आदि को निर्देश हैं कि वे अपने यहां चल रही या प्रस्तावित पुनर्नियुक्तियों की समीक्षा करें। किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शासन के औद्योगिक विकास विभाग द्वारा पहले जारी आदेश को निरस्त करने के बाद यह पत्र सभी सीईओ के नाम भेजा गया है। पत्र में जोर दिया गया है कि रिक्त पदों पर प्राथमिकता से केवल विशेषज्ञता की अनिवार्य आवश्यकता पर ही रिटायर्ड कर्मचारियों पर विचार किया जाए।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय हालिया समीक्षा बैठक में लिया गया था, जिसमें कुछ प्राधिकरणों में पुनर्नियुक्तियों से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने पत्र में सभी अधिकारियों से शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया है।