National Honour For MP , 17 अक्टूबर, नई दिल्ली — मध्य प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। आदिवासी कल्याण योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान मिला है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में एमपी ने शानदार काम करते हुए पूरे देश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में राज्य को सम्मानित करेंगी।
आदिवासी योजनाओं में दिखा एमपी का मॉडल
केंद्र सरकार ने आदिवासी समुदायों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और उनके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच मौजूद अंतर को खत्म करने के लिए दो महीने पहले ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया था। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर जिले में आदिवासी समुदाय को सरकारी योजनाओं का समान लाभ मिले। मध्य प्रदेश ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
चार जिलों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
इस उपलब्धि के पीछे चार जिलों — बैतूल, धार, खरगोन और बड़वानी — का अहम योगदान रहा। इन जिलों ने अभियान के तहत समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए और आदिवासी समुदाय की रिकॉर्ड भागीदारी सुनिश्चित की। इन्हें ‘बेस्ट परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट्स’ की श्रेणी में शामिल किया गया है।
इसी क्रम में, इंटिग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी (ITDA) ने बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी जिलों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना है।
आंध्र प्रदेश पहले, एमपी दूसरे, बिहार तीसरे स्थान पर
‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में आंध्र प्रदेश पहले, मध्य प्रदेश दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग जिलों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, और योजनाओं के जमीनी असर पर आधारित थी।
राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में मध्य प्रदेश को सम्मानित करेंगी। राज्य की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव, जनजाति कार्य विभाग गुलशन बामरा ग्रहण करेंगे।
आदिवासी सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों — बैतूल, धार, खरगोन और बड़वानी — में यह अभियान जनभागीदारी का उदाहरण बना। योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों से प्रदेश ने साबित किया है कि सही नीति और निगरानी से विकास की राह सरल बन सकती है।