आरटीआई अधिनियम के तहत दो बार मांगी थी सूचना मेरठ, लोकसत्य। सूचना अधिकार के तहत सूचना न देने पर उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त ने मेडा के सहायक अभियंता एवं सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मंगल पांडेय नगर निवासी डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने बताया, फरवरी 2023 में मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) से मामेपुर गांव के निकट ईशापुरम फेज-2 में तैयार की जा रही कालोनी से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरोप था कि बिल्डर सुभाष सिंह और अभिषेक चौहान ने किसानों से पावर ऑफ अटर्नी लेकर कृषि भूमि पर कालोनी काट रहे हैं।
मेडा ने कोई जवाब नहीं दिया
लगातार शिकायत करने के बाद भी मेडा के अफसरों ने कोई एक्शन नहीं ले रहे थे। इससे मेडा के अधिकारियों की मिलीभगत री बू आ रही थी। उन्होंने बताया, जब मेडा के अधिकारियों ने जानकारी नहीं दी और मामले का लटका कर रखा तो उन्होंनें सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत 17 दिसंबर को पहली आरटीआई डालकर सूचना मांगी। मेडा ने कोई जवाब नहीं दिया और आरटीआई को दबा दिया।
25 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया
उन्होंने नियमानुसार फरवरी, 2024 में फिर आरटीआई का जवाब मांगा, लेकिन फिर भी जवाब नहीं मिला। डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, काफी प्रयास के बाद भी जब जवाब नहीं मिला तो उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के यहां अपील की। राज्य सूचना आयुक्त ने शिकायत को सही पाते हुए मेडा के सहायक अभियंता व सूचना अधिकारी अर्पित यादव पर सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा-20 (1) के तहत 25 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया।