पाकिस्तान और ईरान से अफगानिस्तान शरणार्थियों को जबरन निकाले जाने को जबरन निकाले जाने का सिलसिला जारी है। तालिबान के एक बड़े अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि एक ही दिन में 5,700 से ज्यादा अफगान शरणार्थियों को पाकिस्तान और ईरान से जबरदस्ती वापस भेज दिया गया।
हाई कमीशन की रिपोर्ट साझा की
तालिबान के डिप्टी प्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रवासियों के मुद्दों को सुलझाने के लिए हाई कमीशन की रिपोर्ट साझा की। अफगान न्यूज पझवोक के अनुसार, गुरुवार को 1,084 परिवार अफगानिस्तान लौट आए। 1,084 परिवारों में 5,780 लोग शामिल थे।
974 परिवारों को मानवीय मदद दी
हमदुल्ला फितरत ने कहा कि लोग हेरात में इस्लाम कला क्रॉसिंग, हेलमंद में बहरामचा, नंगरहार में तोरखम क्रॉसिंग, निमरोज में पुल-ए-अब्रेशम और कंधार में स्पिन बोल्डक के जरिए वापस लौटे। 1,178 परिवार, जिनमें 6,561 लोग शामिल थे, को उनके अपने इलाकों में ले जाया गया, जबकि 974 परिवारों को मानवीय मदद दी गई। इसके अलावा, टेलीकम्युनिकेशन कंपनियों ने हाल ही में अफगानिस्तान लौटे रिफ्यूजी को 1,019 सिम कार्ड दिए। फितरत ने कहा कि गुरुवार को ईरान और पाकिस्तान से 4,591 अफगान शरणार्थियों को जबरदस्ती निकाला गया।
रिकॉर्ड संख्या में अफगानी प्रवासियों को हिरासत में लिया
नवंबर की शुरुआत में, यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी (यूएनएचआरसी) ने बताया कि पाकिस्तान ने 2025 में रिकॉर्ड संख्या में अफगानी प्रवासियों को हिरासत में लिया है, जिसमें सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बलूचिस्तान और पंजाब प्रांतों में हुई हैं।
अफगानिस्तानी न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि यूएनएचआरसी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर गिरफ्तारियां बलूचिस्तान के चगाई और क्वेटा जिलों और पंजाब के अटक जिलों में हुईं।