अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा कदम उठाते हुए समीउल्लाह शिनवारी, आफताब आलम और शहजाद मोहम्मद पर 4 महीने का बैन लगा दिया है। इन खिलाड़ियों ने बोर्ड की अनुमति के बिना भारत में आयोजित टी20 लीग में हिस्सा लिया था। इस फैसले के बाद तीनों खिलाड़ी अब तय अवधि तक किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नहीं खेल सकेंगे।
मान्यता नहीं होने पर जताई चिंता
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में साफ कहा कि जिस लीग में इन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, उसे आईसीसी और बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिली है। बोर्ड के अनुसार ऐसी लीग में खेलने से मैच फिक्सिंग जैसी गतिविधियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण सख्त कार्रवाई करना जरूरी समझा गया।
एनओसी नहीं मिलने से बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक खिलाड़ियों ने लीग में खेलने से पहले बोर्ड से एनओसी लेने की कोशिश की थी। लेकिन मंजूरी में देरी होती रही और अंत में उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी। ऐसे में खिलाड़ियों ने बिना इजाजत खेलने का फैसला लिया। हालांकि बोर्ड ने इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना और कार्रवाई कर दी।
कुछ खिलाड़ियों को नहीं मिला दंड
इस लीग में असगर अफगान भी खेलते नजर आए थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसकी वजह यह है कि वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वहीं सक्रिय खिलाड़ियों के लिए बोर्ड के नियम सख्त लागू होते हैं।
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विदेशी लीग को लेकर सख्त नीति
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों को सीमित विदेशी लीग में खेलने की ही अनुमति दी है। हाल के वर्षों में कई खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल क्रिकेट से ज्यादा टी20 लीग को प्राथमिकता दी, जिसके बाद बोर्ड ने नियम और कड़े कर दिए। इस फैसले का असर राशिद खान, नूर अहमद और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ियों पर भी पड़ा है।
खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश
यह फैसला बाकी खिलाड़ियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि बोर्ड के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति किसी भी लीग में हिस्सा लेने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद खिलाड़ी और बोर्ड के बीच संतुलन कैसे बनता है और भविष्य में ऐसे विवादों से कैसे बचा जाता है।