पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया के अनुसार, अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि आर्मी जनरलों ने देश के अंदरूनी मसलों को सुलझाने के बजाय पूरे इलाके की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
जनता के साथ टकराव जारी
काबुल में विभिन्न देशों के राजदूतों के लिए आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान मुत्तकी ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व का अपने देश के सांसदों, धार्मिक नेताओं और जनता के साथ टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत करने के बजाय दबाव और टकराव के जरिए समस्याओं को हल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह का दबाव सिर्फ विरोध को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा, “अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के बजाय पाकिस्तानी जनरलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।” अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मुत्तकी ने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कोई नया संगठन नहीं है और यह उस समय से सक्रिय है जब अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता में नहीं आया था।
आरोप को खारिज कर दिया
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तानी अधिकारी बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ समूह, खासकर टीटीपी, पाकिस्तान के अंदर होने वाले हमलों में शामिल हैं। हालांकि, तालिबान सरकार ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।
आजादी के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे
मुत्तकी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अफगान प्रवासियों को “बहुत बेरहमी से” निकाल रहा है, व्यापार मार्गों को बंद कर रहा है, अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अफगानिस्तान के खिलाफ प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग पहले भी दबाव के सामने नहीं झुके हैं और अपने देश की आजादी के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे।