क्रिकेट जगत में इन दिनों रोहित शर्मा, विराट कोहली और गौतम गंभीर को लेकर जबरदस्त चर्चा है। टीम इंडिया के अंदरूनी विवाद पर अब पाकिस्तान भी कूद पड़ा है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने एक इंटरव्यू में रोहित और कोहली की खुलकर तारीफ़ की, जबकि गंभीर की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी कोचिंग स्टाइल खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव डाल सकती है। अफरीदी के मुताबिक रोहित और कोहली सिर्फ स्टार खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ हैं, जिन्हें अगले बड़े टूर्नामेंट तक टीम इंडिया के लिए मैदान में रहना ही चाहिए।
पाकिस्तान में भी चर्चा तेज, बाबर और रिजवान हैरान
अफरीदी के इस बयान ने दोनों देशों के फैंस को हैरान कर दिया है, क्योंकि पहली बार उन्होंने भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों की इतनी खुलकर तारीफ़ की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के खिलाड़ी बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान भी हैरान हैं कि अफरीदी ने भारतीय क्रिकेट के आंतरिक विवाद पर इतना सीधा बयान दे दिया। अफरीदी ने कहा कि रोहित और कोहली बड़े मैचों का दबाव झेल सकते हैं और भारत जैसे बड़े क्रिकेटing देश को इन अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
क्या युवाओं पर ज्यादा भरोसा पड़ रहा भारी?
अफरीदी ने खासतौर पर गंभीर की उस रणनीति पर निशाना साधा जिसमें वे टीम को युवाओं की ओर मोड़ना चाहते हैं। उनके अनुसार कमजोर टीमों के खिलाफ युवाओं को मौका देना ठीक है, लेकिन बड़े मैचों में टीम इंडिया को अनुभव का सहारा ही जीत दिला सकता है। इस टिप्पणी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है—क्या भारत को भविष्य देखने की जल्दबाज़ी करनी चाहिए या अनुभवी खिलाड़ियों को बनाए रखना चाहिए? क्रिकेट फैंस भी इसी सवाल पर बंट चुके हैं।
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रोहित के रिकॉर्ड और IPL से जुड़ी याद ने बढ़ाया विवाद
अफरीदी ने रोहित के उस रिकॉर्ड का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने उनके ODI छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि रोहित क्लास और मैच जिताने की क्षमता वाले खिलाड़ी हैं, इसलिए उनका रिकॉर्ड टूटना गौरव की बात है। उन्होंने IPL 2008 का किस्सा याद करते हुए कहा कि तब ही साफ दिख गया था कि रोहित एक दिन भारत के सबसे बड़े बल्लेबाजों में होंगे। अफरीदी और गंभीर की पुरानी तनातनी को देखते हुए इस बयान ने माहौल और गरमा दिया है। अब फैंस की नज़र इस बात पर है कि क्या टीम इंडिया संतुलन बैठा पाएगी या विवाद और बढ़ेंगे।