केंद्र सरकार ने मणिपुर के अधिकांश हिस्से को सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम यानी AFSPA के तहत 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद लिया गया है। हालांकि पांच जिलों के 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को इस अधिसूचना से बाहर रखा गया है। यह व्यवस्था छह महीने तक लागू रहेगी, जब तक केंद्र सरकार इसे पहले वापस नहीं लेती।
इन 5 जिलों के इलाके रहेंगे बाहर
AFSPA से बाहर रखे गए पांच जिले हैं—इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग। इन जिलों के कुल 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को ‘अशांत क्षेत्र’ की घोषणा से बाहर रखा गया है। केंद्र सरकार ने पिछली अधिसूचना में भी इन्हीं पांच जिलों के 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को अलग रखा था।
इंफाल पश्चिम में 6 पुलिस स्टेशन
इंफाल पश्चिम जिले के छह पुलिस स्टेशन क्षेत्र इस सूची में शामिल हैं। इनमें इंफाल, लाम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पतसोई और वांगोई शामिल हैं। वहीं इंफाल पूर्व जिले के तीन पुलिस स्टेशन—पोरोम्पैट, हिंगांग और इरिलवंग—को भी AFSPA के दायरे से बाहर रखा गया है।
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थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग भी बाहर
थौबल जिले में केवल थौबल पुलिस स्टेशन क्षेत्र को इस अधिसूचना से बाहर रखा गया है। बिष्णुपुर जिले में बिष्णुपुर और नामबोल पुलिस स्टेशन क्षेत्र तथा काकचिंग जिले में काकचिंग पुलिस स्टेशन क्षेत्र को छूट दी गई है। इस तरह कुल 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्र AFSPA की ‘अशांत क्षेत्र’ अधिसूचना से बाहर हैं।
पहले भी छह महीने के लिए हुआ था विस्तार
केंद्र सरकार ने इससे पहले 23 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए मणिपुर के बाकी हिस्सों को 1 अप्रैल 2026 से छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया था। गृह मंत्रालय की मौजूदा अधिसूचना में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद उसी व्यवस्था को 1 अक्टूबर 2026 से आगे बढ़ाया गया है। सरकार ने कहा है कि यह घोषणा पहले वापस लिए जाने तक प्रभावी रहेगी।