मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वो चेहरा अपनी पुरानी शैली में वापसी कर रहा है, जिसे लोग 'पांव-पांव वाले भैया' के नाम से जानते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद एक बार फिर पदयात्रा पर निकल रहे हैं। यह ऐतिहासिक यात्रा 25 मई से शुरू होगी, जिसमें वे प्रतिदिन 25 किलोमीटर पैदल चलेंगे। उनका मकसद है केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना और जमीनी फीडबैक लेना। यात्रा की शुरुआत उनके अपने लोकसभा क्षेत्र विदिशा से होगी। इसके बाद वे अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी जाएंगे। शिवराज का यह अभियान पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
25 साल बाद फिर वही पुराना अंदाज
1991 में शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा लोकसभा क्षेत्र में पहली बार पदयात्रा की थी, जिससे उन्हें ‘पांव-पांव वाले भैया’ की उपाधि मिली थी। अब 25 साल बाद वे फिर उसी अंदाज में जनसंपर्क करने निकल रहे हैं, लेकिन इस बार केंद्रीय मंत्री की भूमिका में।
25 मई से हर दिन 25 किलोमीटर की पदयात्रा
शिवराज सिंह चौहान हर दिन 25 किलोमीटर पदयात्रा करेंगे। इस दौरान वे गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मिलेंगे, केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे और सीधा संवाद करेंगे। यात्रा के बाद वे गांव में रात्रि विश्राम भी करेंगे।
योजनाओं का प्रचार और जमीनी फीडबैक
पदयात्रा के दौरान शिवराज पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएंगे। इसके साथ ही वे ग्रामीणों से फीडबैक भी लेंगे।
विदिशा के बाद अन्य लोकसभा क्षेत्रों की यात्रा
यात्रा की शुरुआत विदिशा की सभी विधानसभा क्षेत्रों से होगी। उसके बाद शिवराज अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी पदयात्रा करेंगे। युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों से संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी जुटाएंगे।