
पीएम मोदी की जापान यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, अहम खनिज, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक आदान—प्रदान, पर्यावरण और राजनयिक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्र में अहम समझौते हुए। कुल एक दर्जन से अधिक समझौते किए गए। इस दौरान चंद्रयान मिशन-5 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो और JAXA के बीच अहम साझेदारी होगी। इसके लिए कार्यान्वयन व्यवस्था, खनिज संसाधनों पर सहयोग को बढ़ावा देगा। वहीं तीसरा संयुक्त ऋण व्यवस्था भारत में जापान के निवेश को बढ़ावा देगा। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी करने में योगदान दिया जाएगा। इससे भारत में ऊर्जा परिवर्तन को सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया
पीएम ने कहा कि भारत-जापान डिजिटल साझेदारी भी तेजी से बढ़ी है। इससे डिजिटल प्रतिभा और भविष्य की तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास में हमारे सहयोग को मजबूत करेगी दोनों नेताओं ने प्रमुख मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर विकास की समीक्षा की और परियोजना की सफलता को लेकर सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने नेक्स्ट जेनरेशन प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। मोबिलिटी पार्टनरशिप जो बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी क्षेत्रों खासकर रेलवे, विमानन, बंदरगाहों और शिपिंग में भारतीय प्रतिभा और जापानी प्रौद्योगिकी की ताकत का लाभ उठाएगी।
हमारी चर्चा द्विपक्षीय मामले के बारे में थी
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि जापान के साथ हमारी चर्चा द्विपक्षीय मामले के बारे में थी। हम किसी तीसरे देश के मामलों पर चर्चा नहीं कर रहे थे। दुनिया के बाकी भागों में क्या हो रहा है, इस पर भी चर्चा हुई। लेकिन आज का फोकस पूरी तरह से हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर रहा।