प्रयागराज/वाराणसी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग छात्रों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में उनके और शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस का पूरा सामना करूंगा, जो भी पूछना हो पूछ लें।
शिकायत जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने की, जिसमें दो नाबालिगों के बयान दर्ज कराए गए थे। आरोप माघ मेले के दौरान उनके शिविर में लगाए गए हैं।एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी पहुंची, जहां शंकराचार्य से पूछताछ की संभावना है।
इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम जांच में सहयोग करेंगे। गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि मुकदमा झूठा है और हम यहां मौजूद हैं। शंकराचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि जिन छात्रों पर यौन शोषण का इल्जाम लगाया जा रहा है, वे उनके गुरुकुल के कभी नहीं रहे।
उन्होंने कहा, वे लड़के हमारे गुरुकुल में कभी पढ़े ही नहीं, न ही कभी आए। वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं, जैसा उनकी मार्कशीट से साबित होता है। पूरा इलाका सीसीटीवी से लैस है, सब कुछ रिकॉर्डेड है। यह राजनीतिक साजिश है, जिसका मकसद हमारी छवि खराब करना है। स्वामी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और कहा कि सच जल्द सामने आएगा। मामले में संत समाज के कुछ लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जबकि पुलिस सबूत जुटाने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने में जुटी है।