मेरठ। मेहरमती गांव में एक हजार रुपये को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। संघर्ष में प्रधान के दो भाइयों की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद एक आरोपी की घर जलाने का प्रयास किया, लेकिन गांव में मुस्तैद पुलिस ने असफल कर दिया। प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने एक पक्ष के दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रात में ताबड़तोड़ दबिश देकर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में तीन टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।
मोहम्मद सईद सरधना थाना क्षेत्र के मेहरमती गणेशपुर गांव के प्रधान है। शनिवार रात को उनके बड़े भाई बदरुद्दीन के बेटे सलमान का गांव के ही इरशाद उर्फ चुन्नू से एक हजार रुपये को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों पक्ष आमने-सामने आए गए और एक दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में प्रधान सईद के भाई भूरा और सैमुद्दीन, परिवार के अन्य सदस्य तौहीद, एहसान, अजहरुद्दीन, आमिर और मंसूर घायल हो गए, जबकि इरशाद पक्ष से शाकिब और शाहिद घायल हुए। गांव में खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही सरधना थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। अस्पताल ले जाते समय प्रधान के दोनों भाई भूरा और सैमुद्दीन की रास्ते में मौत हो गई। ईद-उल-फितर पर्व पर गांव में एक परिवार के दो भाइयों की मौत की घटना से तनाव व्याप्त हो गया।
जानकारी मिलते ही एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात अभिजीत कुमार, सीओ सरधना आशुतोष कुमार समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। एसएसपी ने साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुला लिया। रात में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों भाइयों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया और गांव के हालतों को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी।
गांव में शव पहुंचते ही बिगड़े हालात
रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों के शव जैसे ही गांव पहुंचे तो परिजनों के साथ-साथ लोगों को आक्रोश मुखर हो गया। महिलाओं ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की तो कुछ लोगों ने एक आरोपी के घर को जलाने का प्रयास भी किया, लेकिन गांव में मुस्तैद पुलिस ने तत्काल हालतों पर काबू पा लिया और पीड़ित पक्ष को आरोपियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में दोनों भाइयों को गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। गांव के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने एक पक्ष के दस लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। सरधना थाना प्रभारी ने बताया, रात में ही ताबड़तोड़ दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सरधना थाना प्रभारी ने आरोपी के घर जलाने की प्रयास की घटना से इनकार किया है। उनका कहना था कि पीड़ित पक्ष आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहा था।
इनका कहना है...
रात में ही पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार चल रहे बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई है, जो आरोपियों की रिश्तेदारी और संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। घायलाें का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।
-अविनाश पांडेय, एसएसपी।