कुख्यात विनय त्यागी उर्फ टिंकू पर उत्तराखण्ड में पुलिस हिरासत में हुए हमले के बाद ऋषिकेश एम्स में उसकी मौत होने की खबर आने के बाद एक बार फिर जनपद के लोगों को करीब ग्यारह साल पहले कोर्ट परिसर में पुलिस अभिरक्षा में हुई विक्की त्यागी की हत्या की याद दिला दी। दोनों हत्याओं में इतनी समानता है कि दोनों की हत्या पुलिस हिरासत में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। जहां विक्की त्यागी का हत्यारोपी मौके पर ही हत्या करने के बाद पकड़ा गया था, वहीं विनय त्यागी के दो हमलावर भी पुलिस ने अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिए थे लेकिन उनकी कमान किसके हाथ में थी इसको लेकर कयासबाजी तेज है।
उत्तराखंड के विभिन्न थानों में 57 मुकदमे दर्ज थे
मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी थाना क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव के निवासी गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू पर यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में 57 मुकदमे दर्ज थे। छोटी उम्र में ही वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था हालांकि उसके पिता मेरठ में मेडिकल लाइन में अच्छा नाम रखते थे और नौकरी में रहे। विनय त्यागी उर्फ टिंकू को अपराध की दुनिया में पहचान कुख्यात शरद त्यागी के गिरोह में शामिल होने के बाद मिली थी। करीब 25 साल पहले बुलंदशहर पुलिस ने शरद त्यागी और विनय त्यागी उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया था। उस दौरान शरद त्यागी का इतना दबदबा था कि मेरठ में कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा में ही उनके द्वारा मौज मस्ती किए जाने पर बुलंदशहर के एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। विनय त्यागी की ऋषिकेश एम्स में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद अब करीब 11 साल पहले कोर्ट परिसर में हुई कुख्यात विक्की उर्फ विक्रांत त्यागी की हत्या और विनय त्यागी की पुलिस अभिरक्षा में हुई हत्या में लोग आपस में समानता पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए। मुजफ्फरनगर के कुख्यात अपराधी विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी कोर्ट परिसर में ही गोलियों से भून दिया गया था।
देहरादून में प्रॉपर्टी के विवादित मामलों में दखल था
विक्की त्यागी भी चरथावल ब्लॉक का प्रमुख बन गया था और राजनीति में आना चाहता था। जातिगत आधार पर अपराधियों को मिलने वाले संरक्षण में प्रतिद्वंदी गुट को यह रास नहीं आया और कोर्ट परिसर में ही विक्की त्यागी को गोलियों से भून दिया गया था। वहीं विनय त्यागी उर्फ टिंकू ने अपनी पत्नी को दो बार पुरकाजी ब्लाक का प्रमुख बनवाया। वह खुद भी देवबंद विधानसभा क्षेत्र से एक चुनाव लड़ चुका था और राजनीति में प्रवेश कर अपने आपराधिक कृत्यों पर राजनैतिक संरक्षण की चादर डालकर उन्हें छिपाना चाहता था। विनय त्यागी का मुजफ्फरनगर के साथ ही मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और देहरादून में प्रॉपर्टी के विवादित मामलों में दखल था। बताया जाता है कि सितंबर महीने में विनय त्यागी को देहरादून पुलिस ने नाटकीय ढंग में एक बैग चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। तब भी सवाल उठे थे कि आखिर विनय त्यागी उर्फ टिंकू एक साधारण बैग चोरी के मामले में कैसे जेल जा सकता है जिसके खिलाफ इतने गंभीर संगीन मामले दर्ज हैं। तब यह चर्चा भी आई थी कि यूपीएसटीएफ से बचने के लिए उसने खुद ही जेल जाने के लिए यह चोरी की रिपोर्ट अपने खिलाफ दर्ज कराई और पकड़ा गया। अब विनय त्यागी पुलिस अभिरक्षा में हुए हमले में घायल हुआ।उस दौरान पुलिस ने गोली चलाने वालों पर जवाबी कार्रवाई नहीं की। विनय त्यागी पर बीती बुधवार को उत्तराखंड के लक्सर में पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी पर ले जाने के दौरान हमला हुआ था। उसे ऋषिकेश एम्स में आज सुबह उपचार दिलाया जा रहा था, वहां उसकी मौत हो गई।
कोर्ट परिसर में ही गोलियों से भूनकर हत्या
कुख्यात विक्की त्यागी की कोर्ट परिसर में ही गोलियों से भूनकर हत्या करने के बाद हत्यारोपी सागर मलिक ने अपने हाथ उठा दिए थे और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी तरह ही कुख्यात विनय त्यागी उर्फ टिंकू पर भी जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपी अगले ही दिन पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए। जिस तरह से विक्की त्यागी की हत्या के पीछे का मास्टरमाइंड का नाम आज तक सामने नहीं आया है और परिजनों द्वारा रंजिश में दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी उसी तरह ही विनय त्यागी उर्फ टिंकू की हत्या के पीछे कौन मास्टरमाइंड है और किसके हाथ में उस पर गोली चलाने वालों की कमान थी अभी तक पता नहीं लग पाया है। हालांकि विनय त्यागी उर्फ टिंकू तथा विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी आपस में एक साथ मिलकर क्राइम करने में कभी पुलिस रिकॉर्ड में नहीं आए और दोनों में इतनी समानता है कि त्यागी बिरादरी के थे लेकिन इतना जरूर हैं कि विनय त्यागी उर्फ टिंकू की ऋषिकेश एम्स में हुई मौत के समाचार मिलने के बाद जनपद के लोग विक्की त्यागी की हुई हत्या और विनय त्यागी की हुई हत्या की समानताओं पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए।