बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल में गुरुवार सुबह लगी आग ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में चार मरीजों की मौत हो गई, जबकि फायर ब्रिगेड की टीम ने बहादुरी दिखाते हुए 23 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
निजी अस्पतालों और होटलों के खिलाफ विशेष अभियान
घटना के बाद बिहार अग्निशमन सेवा की महानिदेशक (डीजी) शोभा अहोतकर ने पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है और अब पूरे बिहार में निजी अस्पतालों और होटलों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
एक-एक मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला
डीजी शोभा अहोतकर ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि आग मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में लगी थी। जैसे ही फायर ब्रिगेड को सूचना मिली, चार मिनट के भीतर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि आईसीयू में भर्ती लगभग सभी मरीज ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे, इसलिए बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था। दमकल कर्मियों ने जोखिम उठाकर एक-एक मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला। कुल 23 मरीजों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। हालांकि चार मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। डीजी के अनुसार इन चार लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
अस्पताल का स्टाफ मौके पर मौजूद
शोभा अहोतकर ने कहा कि जैसे ही आग लगी, अस्पताल के कर्मचारी वहां से चले गए। ऐसे में गंभीर हालत में भर्ती मरीज पूरी तरह असहाय हो गए। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल का स्टाफ मौके पर मौजूद रहता और समय पर सहायता करता तो शायद जानमाल का नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने साफ कहा कि जिन चार लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की लापरवाही एक बड़ा कारण है।
अस्पतालों का फायर ऑडिट कराया
डीजी ने बताया कि नवंबर महीने में संबंधित अस्पताल का फायर ऑडिट किया गया था। अब यह जांच की जाएगी कि ऑडिट में दिए गए सुरक्षा निर्देशों का अस्पताल प्रबंधन ने पालन किया था या नहीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक राज्यभर में करीब 7,500 निजी और सरकारी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराया जा चुका है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। कई अस्पतालों और होटलों को सुधार के लिए 15 दिन से एक महीने तक का समय दिया गया है।