वेनेजुएला पर अमेरिका के आक्रमण के बाद चीन का ताइवान पर हमले की संभावना को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले ही कहा है कि वे ताइवान को मुख्य भूमि के साथ "एकजुट" करने के लिए बल का उपयोग करने को तैयार हैं, अगर आवश्यक हो। अमेरिका की खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि चीन की सेना 2027 तक ताइवान पर हमला करने के लिए तैयार हो सकती है।
ताइवान को समर्थन देने का वादा किया
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे "अलगाववादी" मानता है। ताइवान की अपनी सरकार और सेना है, और वह स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। अमेरिका ने ताइवान को समर्थन देने का वादा किया है, लेकिन उसने यह भी कहा है कि वह ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता है।
अमेरिका की कार्रवाई "अवैध" है
वेनेजुएला पर अमेरिका के आक्रमण को चीन ताइवान पर हमले के लिए एक अवसर के रूप में देख सकता है। चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि अमेरिका की कार्रवाई "अवैध" है और ताइवान पर हमले के लिए एक "मॉडल" हो सकती है।
ताइवान अपनी रक्षा के लिए उठाए कदम
ताइवान असममित युद्ध रणनीति का उपयोग कर रहा है। इसमें वह चीन की सेना को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा। ताइवान ने अपने रक्षा बजट में 14% की वृद्धि की है। 2026 में 40 अरब डॉलर का विशेष रक्षा बजट आवंटित किया है। ताइवान अमेरिका से F-16 फाइटर जेट, हॉवित्जर, और अन्य रक्षा उपकरण खरीद रहा है। ताइवान ने अपनी भूमि पर गुफाओं और बंकरों का निर्माण किया है, जो हमले के समय सुरक्षित स्थान के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं। ताइवान अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर काम कर रहा है, जिसमें वह अपने नेटवर्क को सुरक्षित करने और साइबर हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है।