उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक चौंकाने वाला और रोचक मामला सामने आया है, जहां पर शादी के तीन महीने बाद दोबारा उसी जोड़े की फिर से शादी होने जा रही थी. लेकिन ये पुनर्विवाह एक अनोखे मोड़ पर आकर थम गया, जब दूल्हे को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा.यह मामला हलिया थाना क्षेत्र के सोनगढ़ा गांव का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, मार्च माह में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोनगढ़ा की एक युवती की शादी हलिया क्षेत्र के युवक से हुई थी. योजना के तहत हुई शादी के बाद परिवारों ने तय किया था कि रीति-रिवाजों के साथ पारंपरिक विवाह अलग से करा दिया जाएगा.
गाजे-बाजे के साथ पहुंची बारात, पर नहीं मिला स्वागत
निर्धारित तिथि के अनुसार सोमवार रात दूल्हा बारात लेकर भव्य अंदाज में ससुराल पहुंचा. मगर जैसे ही दूल्हा बारात लेकर ससुराल पहुंचा, तो वहां का माहौल बदल गया. दुल्हन के पिता ने गहने, कपड़े और श्रृंगार सामग्री न लाने पर नाराजगी जाहिर की और दुल्हन ने भी दोबारा विवाह से इंकार कर दिया.
हंगामे के बाद बारात लौटी खाली हाथ
बारात में आए लोग घंटों तक वधू पक्ष को समझाते रहे, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी. अंततः दूल्हे को बिना शादी किए ही बारात वापस ले जानी पड़ी. ग्रामीणों के बीच यह घटना अब चर्चा का विषय बनी हुई है.
पुलिस को नहीं मिली शिकायत, मामला गर्म
थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक मामले को लेकर कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर ही मामले में कार्रवाई की जाएगी. उधर, यह घटना सोशल मीडिया से लेकर गाँव के चौपाल तक चर्चा का केंद्र बनी हुई है.