Big claim on US foreign policy: अमेरिका की हालिया विदेश नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंताएं उभर रही हैं। वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों को दी गई खुली चेतावनियों ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इसी बीच प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री और नीति विश्लेषक जेफ्री सैक्स ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका का अगला संभावित निशाना हो सकता है, जिसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
ट्रंप की धमकियां
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ग्रीनलैंड, कोलंबिया, नाइजीरिया और ईरान जैसे देशों के नाम लेकर सख्त बयान दिए हैं। इन बयानों को कई विशेषज्ञ अमेरिका की आक्रामक कूटनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं। सैक्स का कहना है कि ऐसे वक्त में अंतरराष्ट्रीय कानून और संवैधानिक सीमाओं की अनदेखी होती नजर आ रही है।
लोकतंत्र पर असर
जेफ्री सैक्स के अनुसार, अमेरिका अब एक ऐसे “डीप स्टेट” सैन्य तंत्र के प्रभाव में काम कर रहा है, जो निर्वाचित संस्थाओं से ऊपर होकर फैसले ले रहा है। उनका मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप पर इस तंत्र का असर इतना गहरा है कि वे नियंत्रण से बाहर दिखते हैं। यह स्थिति अमेरिकी लोकतंत्र के लिए भी खतरे की घंटी है।
यह भी देखेंःPakistan Army communication style: DG ISPR की भाषा ने पाकिस्तान सेना की संचार शैली पर उठाए सवाल
ईरान पर हमला
ईरान को लेकर पूछे गए सवाल पर सैक्स ने चेताया कि यदि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो हालात वेनेजुएला से भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं। उनका कहना है कि ईरान एक क्षेत्रीय शक्ति है और वहां संघर्ष का असर पूरे पश्चिम एशिया में फैल सकता है।
अमेरिकी फैसले
उनके मुताबिक, इजरायल ईरान की मौजूदा सरकार को गिराने को लेकर बेहद आक्रामक रुख रखता है और अमेरिका अक्सर उसी दिशा में कदम बढ़ाता नजर आता है।
पुरानी रणनीति
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का मुद्दा उठाकर हस्तक्षेप की भूमिका तैयार करना डीप स्टेट की पुरानी नीति रही है।
वैश्विक टकराव का खतरा
सैक्स ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ युद्ध क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संघर्ष का रूप ले सकता है।
दुनिया के लिए चेतावनी
विश्लेषकों के अनुसार, यह स्थिति न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।