भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक नई चर्चा तेज हो गई है। टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज दौरे की टीम घोषित होने के बाद अब नजरें मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य पर टिक गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका मौजूदा कार्यकाल सितंबर के साथ समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें आगे भी जिम्मेदारी मिलेगी या चयन समिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बैठक से बढ़ी चर्चा
इस चर्चा को उस समय और बल मिला जब हाल ही में मुंबई में हुई टीम समीक्षा और विश्व कप की तैयारियों से जुड़ी अहम बैठक में अगरकर शामिल नहीं हुए। क्रिकेट जगत में इसे लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि बीसीसीआई की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चयन समिति के भविष्य को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
दो नाम सबसे आगे
रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा मुख्य चयनकर्ता पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा अनुभव रहा है। साथ ही दोनों आईपीएल में भी सफल टीमों का हिस्सा रह चुके हैं। यही वजह है कि उनके नामों को गंभीर दावेदार माना जा रहा है।
आखिरी बैठक मानी जा रही
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बुधवार को हुई चयन बैठक अगरकर की अध्यक्षता वाली आखिरी बैठक साबित हो सकती है। इसी बैठक में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज, ईरानी ट्रॉफी और शेष भारत टीम का चयन किया गया था। हालांकि यह केवल रिपोर्ट्स पर आधारित जानकारी है और अंतिम फैसला बीसीसीआई के स्तर पर ही लिया जाएगा।
रोहित मुद्दा बना चर्चा
पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी काफी चर्चा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चयनकर्ताओं और बोर्ड के कुछ फैसलों को लेकर अलग-अलग राय सामने आई थी। बाद में बीसीसीआई सचिव ने रोहित शर्मा के समर्थन में बयान दिया और उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में भी शामिल किया गया। इसके बाद अगरकर और बोर्ड के बीच मतभेद की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया।
फैसला किसके पक्ष में?
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में अगरकर के कार्यकाल बढ़ने की संभावना जताई गई थी, जबकि अब कई खबरों में बदलाव की चर्चा हो रही है। ऐसे में सभी की नजरें बीसीसीआई की आगामी बैठकों और आधिकारिक फैसलों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चयन समिति की कमान आगे भी अजीत अगरकर के हाथ में रहती है या फिर भारतीय क्रिकेट को नया मुख्य चयनकर्ता मिलता है।