Agni-5 Increased Worries: भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को नई मजबूती देते हुए अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण में मिसाइल ने सभी तय मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। खास बात यह रही कि अग्नि-5 में पहली बार MIRV यानी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे एक ही मिसाइल अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम हो गई है। इस उपलब्धि को भारत की रक्षा शक्ति में बड़ा कदम माना जा रहा है।
एक साथ वार करने की क्षमता
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान अग्नि-5 को कई पेलोड्स के साथ लॉन्च किया गया। मिसाइल ने हिंद महासागर क्षेत्र में निर्धारित अलग-अलग लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाया। MIRV तकनीक की मदद से यह मिसाइल एक साथ कई वॉरहेड ले जा सकती है और अलग-अलग दिशाओं में मौजूद टारगेट्स पर हमला कर सकती है। उड़ान के पूरे मिशन पर नजर रखने के लिए जमीन और समुद्र आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
क्षमता बेहद मजबूत
अग्नि-5 भारत की सबसे आधुनिक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में शामिल है। इसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। इसमें तीन चरण वाला सॉलिड फ्यूल इंजन लगाया गया है, जो इसे तेज और भरोसेमंद बनाता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल चार से पांच परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकती है। हालांकि सरकार ने इसकी आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
Advanced Agni missile with MIRV (Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle) system was successfully tested from Dr. APJ Abdul Kalam Island, Odisha on 08th May 2026.
— DRDO (@DRDO_India) May 9, 2026
The missile was flight tested with Multiple payloads, targeted to different targets spatially distributed… pic.twitter.com/W7ufT7pwbt
बढ़ाई भारत की ताकत
भारत ने समय-समय पर अग्नि मिसाइल श्रृंखला को आधुनिक बनाया है। अग्नि-1 की रेंज लगभग 700 किलोमीटर, अग्नि-2 की 2,000 किलोमीटर, अग्नि-3 की 3,000 किलोमीटर और अग्नि-4 की 4,000 किलोमीटर तक है। अग्नि-5 इस श्रृंखला का सबसे उन्नत संस्करण माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि MIRV प्रणाली में स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसे DRDO ने भारतीय उद्योगों के सहयोग से विकसित किया है।
मिलेगी नई मजबूती
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग से जुड़े सभी वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह उपलब्धि भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि-5 का यह सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक क्षमता और प्रतिरोधक शक्ति को नई ऊंचाई देगा।