
Agniveer 2026 : Agnipath Scheme अंतर्गत भर्ती किए गए ‘Agniveer’ जवानों का भविष्य इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. विशेष रूप से यह सवाल उठ रहा है. क्या चार साल की सेवा पूरा करने के बाद इन जवानों को 2026 में स्थायी पद मिलेगा या उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाएगा? इस लेख में हम इस बात की पड़ताल करेंगे कि वर्तमान नियम क्या हैं, सरकार और सेवाओं में चल रही चर्चाएँ क्या कहती हैं, और चार साल की अवधि पूरी होने के बाद किन जवानों को स्थायी पद मिल सकता है या नहीं.
वर्तमान नियम क्या है?
Agnipath स्कीम के तहत आने वाले जवान ‘अग्निवीर’ चार साल के संविदात्मक अनुबंध पर भर्ती होते हैं. नियम बताते हैं कि चार साल की अवधि पूरी होने के बाद, सेवा समाप्ति पर उन्हें स्वचालित रूप से स्थायी पद नहीं मिलता. सेवा पूरी होने पर, संगठन की आवश्यकता और नौकरी-प्रदर्शन के आधार पर मात्र लगभग 25% अग्निवीरों को नियमित व पुरानी पंक्ति में लेने का प्रावधान है. यह स्पष्ट है कि चार साल की सेवा के बाद “हर अग्निवीर को स्थायी नौकरी मिलेगी” ऐसा दावा वर्तमान में नहीं किया जा सकता.
2026 की स्थिति और भविष्य की दिशा
पहली अग्निवीर बैच का चार साल का अनुबंध 2026 तक पूरा हो रहा है. इस कारण से 2026 केंद्रीय और सशस्त्र सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनने वाला है. इस दौरान यह देखा जाना है कि कितने अग्निवीरों को स्थायी पद मिलेगा और कितनों को सेवा समाप्ति के बाद निकलना पड़ेगा. इसके साथ ही, रक्षा मंत्रालय और सेनाध्यक्षों की बैठक में अग्निवीरों को स्थायी पद पर लेने की प्रतिशतता बढ़ाने की चर्चा भी चल रही है. उदाहरण के तौर पर, प्रस्ताव है कि वर्तमान 25 % की तुलना में 60-75 % तक अग्निवीरों को स्थायी पद मिले। यह बदलाव अभी तक आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है, बल्कि विचाराधीन है.
“स्थायी पद मिलेगा” या “सेवा समाप्ति”? – दोनों पहलू
अगर स्थायी पद मिलेगा:- उस स्थिति में चार साल सेवा के बाद अग्निवीरों में चयन मेरिट-आधारित होगा। चयनित जवानों को नियमित भर्ती की तरह पद और पेंशन-योग्यता मिल सकती है, व सेवा अवधि 15 वर्ष या उससे अधिक हो सकती है. अगर सेवा समाप्ति होगी. अधिकांश अग्निवीरों को चार वर्ष की सेवा के बाद सेवा समाप्ति का विकल्प मिलेगा. उनके पास “सेवा निधि” (Seva Nidhi) नामक एकमुश्त पैकेज होगा, कौशल प्रमाणपत्र मिलेगा और उन्हें अन्य सरकारी या नागरिक नौकरी की ओर बढ़ावा मिलेगा. इस तरह यह स्पष्ट है कि भविष्य अभी पूरी तरह निश्चित नहीं है. स्थायी पद का चयन नियम-प्रदर्शन-आवश्यकता पर आधारित रहेगा.
कहा जा सकता है कि 2026 में सभी चार साल सेवा पूरा कर चुके अग्निवीरों को स्वतः स्थायी भर्ती नहीं मिलेगी. वर्तमान नियम के अनुसार केवल चयनित कर्मियों को ही मौका मिलेगा और वह चयन काफी हद तक प्रदर्शन, संगठन-आवश्यकता तथा मेरिट पर निर्भर करेगा. हालांकि बदलाव की दिशा में चर्चाएँ चल रही हैं और यदि प्रस्ताव लागू हुआ, तो अग्निवीरों की स्थायी पद-संख्या बढ़ सकती है.