मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदिग्ध वाहन की घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध अफीम बरामद की गई। शुरुआती जांच में यह मामला अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। कार्रवाई के बाद एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल में जुट गई हैं।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
कार्रवाई की शुरुआत एक विशेष सूचना से हुई थी, जिसमें बताया गया था कि झारखंड नंबर की एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध अफीम एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाई जा रही है। इनपुट मिलते ही अधिकारियों ने एक विशेष टीम बनाई और पूरे संभावित रूट पर निगरानी शुरू कर दी। टीम लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
टोल प्लाजा के पास घेरकर पकड़ी गई कार
लंबे समय तक ट्रैकिंग और निगरानी के बाद संदिग्ध वाहन को आगरा-जयपुर हाईवे पर सिकंदरा टोल प्लाजा के नजदीक रोक लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर घेराबंदी करते हुए वाहन को कब्जे में लिया और चालक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत वाहन की तलाशी शुरू की गई।
डिक्की से मिले 109 पैकेट
तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की में रखी बोरियों से कुल 109 पैकेट बरामद किए गए। जांच के दौरान सामने आया कि इन पैकेटों में करीब 115 किलो से अधिक अवैध अफीम भरी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीर श्रेणी में रखा है।
गंध छिपाने के लिए अपनाया गया तरीका
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने मादक पदार्थ की पहचान छिपाने के लिए वाहन के भीतर बड़ी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य जांच एजेंसियों को भ्रमित करना था, लेकिन तलाशी के दौरान उनकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जांच एजेंसियां
शुरुआती पूछताछ के आधार पर पता चला है कि बरामद खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाया जा रहा था। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि तस्करी के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका है।