UP News: प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राजकीय शीतगृह परिसर, अलीगंज, लखनऊ में डी.पी. बोरा वाटिका के सौन्दर्याकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं का शिलान्यास किया एवं दो दिवसीय कृषक गोष्ठी में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विधानसभा लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्यान मंत्री ने कहा कि डी.पी. बोरा वाटिका का जीर्णोद्धार क्षेत्र के लिए हरित विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण कदम है और आने वाली पीढ़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी। मंत्री सिंह ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
बालकनी गार्डनिंग अपनाने का आह्वान किया
शहरी बागवानी को बढ़ावा देते हुए मंत्री ने रूफटॉप गार्डनिंग और बालकनी गार्डनिंग अपनाने का आह्वान किया। मंत्री सिंह ने कहा कि घर में उगाई गई जैविक सब्जियां स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती हैं। गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी में निशुल्क बीज, सीडलिंग और प्लांटिंग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी । लखनऊ क्षेत्र को सबसे पहले इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए चुना गया, जहां शहरी बागवानी को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्री सिंह ने बताया कि उद्यान विभाग की पौध उत्पादन क्षमता 2022 में 75 लाख से बढ़कर अब 29 करोड़ पौध प्रतिवर्ष हो गई है। संरक्षित खेती पर जोर देते हुए बताया गया कि पॉलीहाउस में शिमला मिर्च की खेती से किसानों को लाखों की आमदनी संभव है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों पर 80–90 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध है।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि डी.पी. बोरा वाटिका को रबर ट्रैक, जिम और अन्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत कृषकों एवं एफपीओ को शाकभाजी बीज वितरण एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। दो दिवसीय कृषक गोष्ठी में आम उत्पादन, विपणन, निर्यात, सूक्ष्म सिंचाई, मौनपालन एवं मूल्य संवर्धन पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।